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Chitrakoot News: मंदाकिनी का जलस्तर घटा, पर कम नहीं हुईं दुश्वारियां

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भरत घाट पर प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने का बोर्ड लगवाया - फोटो : संवाद
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चित्रकूट। मंदाकिनी और बरहदा नदी का जलस्तर रविवार को कम हो गया, लेकिन दुश्वारियां कम नहीं हुईं। रामघाट, भरतघाट सहित अन्य घाटों पर कीचड़ जमा होने से श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। जिला मुख्यालय के घाटों का यही है। कहीं फिर न मंदाकिनी का पानी बढ़ जाए, इस डर से रामघाट के दुकानदार दुकानें नहीं खोल पा रहे हैं।
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मंदाकिनी और बरदहा शनिवार को खतरे के निशान तक पहुंच गई थी। भरतघाट पर तो प्रशासन ने नदी किनारे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का बोर्ड लगा दिया। चेतावनी दी है कि बारिश के समय इस ओर न जाएं। रविवार को बारिश न होने पर नदी का पानी तो उतर गया, लेकिन घाटों पर गंदगी जमा है। स्नान करने आए रामलाल, सुंदर सिंह ने बताया कि घाट पर कीचड़ होने से स्नान नहीं कर पाए।
जिला मुख्यालय के पुरानी बाजार के पास नदी के घाटों व सीढि़यों पर गंदगी जमा हो गई। शंकर बाजार के सुंदर घाट, गुप्ता घाट सहित अन्य घाटों में यही हाल है। शहर के रामदयाल, सीताराम सिंह ने बताया कि सुंदर घाट में वह लोग स्नान करने आते हैं। गंदगी पड़ी होने पर घर लौट गए। नगर पालिका के अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि सफाई कर्मियों को घाटों की सफाई करने के लिए निर्देश दिए हैं।
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एडीएम उमेश चंद्र ने बताया कि जिले की सभी नदियों में जलस्तर पर नियंत्रण है। अब कहीं भी बाढ़ जैसी बात नहीं है। हर संभावित जगह पर बाढ़ नियंत्रण चौकी स्थापित की गई है।
इनसेट
आवागमन हुआ शुरू
बरदहा नदी का जलस्तर कम होने से रविवार को सुबह से ग्रामीणों का नदी पारकर आवागमन शुरु हो गया। मानिकपुर-डबौरा मार्ग के चमरौहा गांव के पास रपटे से भी पानी उतर गया है। इससे आसपास के गांव के निवासी राहत की सांस ली है। चमरौहा गांव के केशव प्रसाद, लाला ने बताया कि बारिश होने से रपटे में पानी भर गया था। इससे दो दिनों तक आवागमन बंद था। दस से अधिक गांवों का संपर्क कट गया था। अब हालत सही होने से आवागमन शुरू हो गया है।
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