चित्रकूट। देवागंना घाटी गिद्धों के लिए मुफीद कई साल से रही है। इस साल भी गिद्ध आए हुए हैं। आने वाले गिद्ध जाडे़ की ऋतु होने तक इस क्षेत्र में रहते हैं। देवांगना घाटी में गर्मी अधिक पड़ने के कारण जैसे ही गर्मी शुरू हो जाती है इस क्षेत्र से गिद्ध कहीं दूसरे स्थान पर चले जाते हैं। हालांकि इस क्षेत्र में गिद्ध रुकें तो खाने पीने की व्यवस्था के साथ उनकी सुरक्षा की भी व्यवस्था की जाती है।
शहर के पास स्थित देवांगना घाटी में इस समय 500 से अधिक गिद्ध आए हुए हैं। इसकी जानकारी होने पर वन विभाग के कैलाश प्रकाश व वन विभाग की टीम मौके पर गई थी। दूसरे दिन भी उनके सरक्षण के लिए कार्य शुरू कर दिया गया। गिद्धों के खाने के लिए वस्तुएं डाली गई हैं। आसपास अन्य इलाके मेें सर्वे किया गया कि कहीं अन्य स्थानों पर तो गिद्ध और तो नहीं है। वनविभाग के प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश ने बताया कि जाडे़ की ऋतु में इस क्षेत्र में आते जो गर्मी शुरू होते ही उड़ जाते हैं। यह देवांगना घाटी सहित मारकुंडी क्षेत्र व मानिकपुर के पहाड़ी क्षेत्र में भी देखे जाते हैं।