सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
घटना वर्ष 2009 की है। अभियोजन अधिकारी दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि 20 जुलाई 2009 को राजापुर थानाक्षेत्र के एक गांव में रहने वाली महिला की सात वर्षीय पुत्री घर के बरामदे में अपनी दादी के साथ सो रही थी। तभी घर में घुसकर रामकरण पुत्र भोला ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और भाग निकला।
21 जुलाई को राजापुर थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। सोमवार को दोनों पक्षों की अपील व बयान सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश/ फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज आशीष जैन ने आरोपी को दस साल का सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जिसमें दस हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देय होगा। सजा होने के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।