मऊ (चित्रकूट)। मऊ-परदवां मार्ग के नाले पर बन रहे पुल का लिंटर ढहने की जांच करने के लिए दो टीमें पहुंची। अधिकारियों का कहना है कि स्लैब की ढलाई के समय शटरिंग का पाइप टूट गया। इससे लिंटर गिर गया। हालांकि इसमें किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। इस मामले की अभी प्रशासन स्तर की टीम भी जांच करेगी।
मऊ के परदवां मार्ग के बरियारी स्थित जमोहरा नाले पर दो करोड़ 41 लाख की लागत से पुल का निर्माण कराया जा रहा है। पुल के सात पिलर बन चुके हैं। नौ पिलर बनने हैं। पहले दो पिलर पर सटरिंग लगाकर लिंटर डाला जा रहा था। बुधवार को आधे लिंटर की ढलाई के दौरान ही शटरिंग का पाइप टूट गया। इससे लिंटर ढह गया।
पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता लखनऊ ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच टीम भेजी। गुरुवार की दोपहर जिला प्रशासन की ओर से मऊ एसडीएम सौरभ यादव, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता एसके रावत, चित्रकूट के अधिशासी अभियंता अखिलेश कुमार, एई श्यामलाल व तीन अन्य जेई की टीम मौके वहां पहुंची। ठेकेदार दलबीर सिंह से मामले की जानकारी ली। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
पहली जांच रिपोर्ट
लगभग तीन घंटे की जांच के दौरान अधीक्षण अभियंता ने ढलाई करने वाले मसाले, सरिया आदि के नमूने लिए हैं। बताया कि प्रथम जांच में सामने आया कि स्लैब की आधी ढलाई के दौरान पाइप टूट गया। इससे निर्माण कार्य बंद करा दिया गया। शटरिंग हटवा दी गई है। कोई जनहानि नहीं है। अब पुल का निर्माण मुख्य अभियंता बांदा की देखरेख में कराया जाएगा।
शटरिंग कमजोर होने पर चेताया था
अधिशासी अभियंता अखिलेश कुमार ने बताया कि लिंटर डालने का काम शुरू हुआ तो विभागीय अधिकारियों ने मौके पर आकर ठेकेदार के साथ जांच की थी। शटरिंग कमजोर होने की बात कही गई थी। चेताया गया था कि शटरिंग को और मजबूत करने के बाद ही ढलाई कराई जाए, लेकिन इसमें कुछ लापरवाही सामने आई। उधर ठेकेदार ने बताया कि शटरिंग का काम बांदा की एक एजेंसी को दिया गया था। डबल जैक लगाना चाहिए था। एक स्थान पर सिंगल जैक लगाया गया था। इसी से यह लिंटर गिरा है। फिलहाल एजेंसी से दोबारा मजबूत शटरिंग लगाकर काम कराया जाएगा।