विभिन्न मांगों को लेकर लेखपाल संघ का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर बैठे लेखपालों ने दिनभर मांगों को पूरा कराने को लेकर नारेबाजी की।
कलेक्ट्रेट परिसर में एडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठे लेखपालों ने कहा कि प्रशासन द्वारा उनकी मांगे पूरी नहीं की जा रही हैं।
कोई आश्वासन न मिलने पर 30 अगस्त को लखनऊ में विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उनकी प्रमुख मांग लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति दूर कर प्रारंभिक वेतनमान बढ़ाया जाना है।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष जगन्नाथ सिंह, जिला सचिव चैन प्रसाद, मइयादीन यादव, भागवत प्रसाद पांडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह कछवाह, गौलाल, कैलाश चौबे, हरिकृष्ण , कल्पना कनौजिया, महेंद्र सिंह पटेल, छोटेलाल गुप्ता, नत्थू राम वर्मा, राजकरन सिंह, कामता प्रसाद त्रिपाठी, रावेन्द्र सिंह, रामचंद्र शुक्ला, रविप्रकाश त्रिपाठी, अरविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
लेखपालों की हड़ताल का असर जिले के प्रशासनिक कामों मेें दिखाई देने लगा है। तहसील से लेकर ब्लाक कार्यालय में लोग आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र पाने के लिए भटक रहे हैं। अधिकारियों के पास जाने वाले लोगों से सिर्फ यही कहा जाता है कि अभी लेखपाल हड़ताल पर हैं।
जब हड़ताल खत्म होगी तब काम होगा। सरकारी आंकड़े के अनुसार जिले में एक दिन में आय, जाति व निवास के औसतन दो सौ प्रमाण पत्रों पर लेखपालों की रिपोर्ट लगती है। अब यह काम न हो पाने से लोग भटक रहे हैं।
बारिश से जिले में क्षतिग्रस्त होने वाले मकान व पशु हानि, जनहानि व अन्य नुकसान की रिपोर्ट का काम भी बाधित है। इस संबंध में एडीएम हवलदार सिंह ने बताया कि लोगों को परेशानी से बचाने के लिए लेखपाल की रिपोर्ट के अलावा अन्य सभी कार्य कराए जा रहे हैं। कोई दूसरा विकल्प न होने से कुछ परेशानी जरूर है।