चित्रकूट। किसानों को बांटे गए ऋण के बाद भले ही वसूली की कोई नोटिस न जारी की जा रही हो पर उन्हें मोबाइल के माध्यम से दबाव बनाया जा रहा है। जिससे कर्ज लेने वाले किसान परेशान हैं जबकि सरकार की तरफ से आदेश है कि किसी भी तरह किसानों पर दबाव न डाला जाए।
गौरतलब है कि तीन साल से जिले के किसान सूखा व अतिवृष्टि से परेशान थे। इस बार अच्छी पैदावार हुई है। जिससे बैंकों ने वसूली तेज कर दी हैं। बैंक मैनेजरों व कर्मचारियों का मानना है कि इस वर्ष अच्छी पैदावार हुई है तो किसान आसानी से ऋण भर देगा। यह देखते हुए कई बैंक से मोबाइल के माध्यम से किसानों पर दबाव डाला जा रहा कि जल्द से जल्द रुपये जमा कर दें। जबकि तीन साल बाद किसानों के पास उपज का पैसा आया है तो किसान अपनी बेटियों की शादी करने व घर की गृहस्थी जुटाने में लगा हुआ है।
नोटिस जारी नहीं की जा रही
चित्रकूट। अग्रणी जिला प्रबंधक अभिनंदन कुमार ने बताया कि किसी किसान को परेशान करने की दृष्टि से कोई नोटिस जारी नहीं की गई। यदि किसी बैंक ने स्वत: संज्ञान लेकर नोटिस जारी की गई हो अभी तक इसकी जानकारी नहीं हुई है। शासनादेशों के अनुरूप किसानों को नोटिस जारी नहीं की जाएगी। किसी किसान को बैंक अधिकारियों द्वारा फोन से कर्ज जमा करने का दबाव बनाने की भी जानकारी नहीं है।