चित्रकूट। तहसील मऊ के ग्राम बरगढ़ में एक किसान के खलिहान को चकबंदी लेखपाल द्वारा गलती से ''''खाल निकालने का स्थान'''' दर्शा दिया गया था। इस लिपिकीय त्रुटि के कारण परेशान किसान को न्याय दिलाने के लिए डीएम पुलकित गर्ग ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद चकबंदी विभाग ने गलती सुधारी और किसान को सही कागजात सौंपे।
बरगढ़ निवासी डॉ. छेदीलाल दुबे ने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के समक्ष जन सुनवाई में प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्या बताई। उन्होंने कहा कि चकबंदी अधिकारी मऊ में प्रचलित वाद में पारित आदेश के तहत विमला देवी बनाम सरकार, ग्राम बरगढ़ की पुरानी गाटा संख्या 2140, जिसका रकबा 0.253 हेक्टेयर है, को खलिहान में दर्ज किया गया था। डॉ. दुबे ने बताया कि चकबंदी लेखपाल द्वारा आकार पत्र 41 व 45 बनाते समय, खलिहान को खाल निकालने का स्थान के रूप में लिपिकीय त्रुटिवश दर्ज कर दिया गया था।
इस गलती को सुधारने के लिए किसान कई महीनों से संबंधित अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहा था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने इस पर प्रभावी न्यायिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे न्यायालय बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के माध्यम से इस लिपिकीय त्रुटि को तत्काल सुधारें।
डीएम के हस्तक्षेप के बाद, चकबंदी विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गलती को सुधारा और किसान डॉ. छेदीलाल दुबे को सही कागजात सौंपे। समस्या के समाधान से प्रसन्न डॉ. छेदीलाल दुबे ने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग को माला पहनाकर आभार जताया।