चित्रकूट। मंदाकिनी नदी के दोनों पाट पर अतिक्रमण, बह रहे नालों को चिह्नित कर बंद करने और नदी में डाले जा रहे कूडे़ पर अंकुश लगाने के लिए मध्य प्रदेश शासन ने कमर कस ली है। अतिक्रमण हटवाने के लिए राजस्व विभाग की टीम ने मंदाकिनी नदी की माप शुरू कर दी है। बुधवार को जब माप शुरू हुई तो अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मच गया।
सती अनुसइया आश्रम के पास से निकलकर मंदाकिनी नदी कर्वी शहर से होते हुए पहाड़ी, राजापुर के सौ से अधिक गांवों से होकर गुजरती है। नदी के दोनों तट पर कई स्थानों पर अतिक्रमण कर लिया गया है। 12 से अधिक नाले भी नदी में गिराए जा रहे है।
एमपी प्रशासन के निर्देश पर इस समस्या के निदान के लिए मझगवा एसडीएम पीएस त्रिपाठी ने नदी की जमीन के माप के लिए राजस्व विभाग की टीम लगाई है। बुधवार को नायब तहसीलदार ऋषि नारायण सिंह के नेतृत्व में नदी की माप शुरू हो गई।
राजस्व टीम मेेें शामिल डॉ. सुदामा कोल, लेखपाल आशीष सिंह, नगर पंचायत के प्रभारी प्रभात सिंह ने नदी की जमीन को कई स्थानों पर मापा। इससे अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मचा है।
एमपी क्षेत्र में मंदाकिनी नदी में सरयू नदी की धारा मिलने की बात कही जाती है। बताते हैं कि जिस स्थान से सरयू की धारा आती थी, उस स्थान कब्जा कर आलीशान होटल और घर बना लिया गया है। इससे सरयू नदी की धारा लुप्त हो गई है।
यूपी क्षेत्र में बह रही मंदाकिनी के दोनाें पाट पर कब्जे की कई बार शिकायतें की गईं। एक बार तो जमीन की माप भी की गई, लेकिन उसी स्थान की हुई जहां पर कब्जे की शिकायतें की गई थी। हकीकत में कई स्थानों पर नदी की जमीन पर कब्जा किया गया है। नगर पालिका के सभासद सुशील श्रीवास्तव ने बताया कि मंदाकिनी नदी के कई स्थानों पर कब्जा है। इसकी माप कराने के लिए वह अनशन पर बैठे थे, लेकिन सिर्फ खानापूर्ति ही की गई थी।