सफाई की खानापूरी कर नाली खुली छोड़ देना बड़े हादसे
का सबब बन गया। मजदूर के इकलौते पुत्र की इसमें गिरकर मौत हो गई। घटना के
लिए ग्राम प्रधान को दोषी मानते हुए लोगों ने एनएच पर जाम लगा दिया।
कार्रवाई का भरोसा देने पर लगभग पौन घंटे बाद जाम खुला।
पिता ने
ग्राम प्रधान शिवरामपुर पर लापरवाही का आरोप लगा चौकी में तहरीर दी है।
वरामपुर चौकी के लाइना बाबा रोड पर श्रमिक बबली वर्मा पत्नी और तीन बच्चों
के साथ रहते हैं। शाम लगभग साढ़े तीन बजे बबली बाजार गया था, बाकी सदस्य घर
के अंदर थे।
बाहर खेल रहा तीन वर्षीय बेटा विवेक घर के बाहर खुली
लगभग आठ फुट गहरी नाली में जा गिरा। काफी देर तक विवेक की आहट नहीं मिली तो
उसकी मां चुन्नू बिट्टी बाहर आई। विवेक नहीं दिखा तो उसने नाली में झांका।
इसमें विवेक पड़ा था। इस पर उसने शोर मचाया।
लोगों की मदद से जब
तक विवेक को निकाला जाता, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इससे हाहाकार मच गया।
आक्रोशित लोगों ने शव एनएच पर रखकर जाम लगा दिया। लोगों का कहना था कि
प्रधान शिवबरन कपारिया ने कुछ दिन पहले नाली साफ कराने के नाम पर पटिया
हटवाई थी, इसके बाद नहीं लगवाया।
लोग प्रधान की गिरफ्तारी की मांग
कर रहे थे। सूचना मिलने पर कोतवाल ध्रुव सिंह, शिवरामपुर चौकी प्रभारी नीरज
यादव और अन्य थानों के प्रभारी पहुंचे और भीड़ को समझाया। कार्रवाई के
आश्वासन पर लोगों ने जाम खोला। इस दौरान लगभग आधा घंटे तक आवागमन बाधित
रहा।
चौकी प्रभारी नीरज यादव ने बताया कि पिता ने प्रधान के खिलाफ
तहरीर दी है, जिसमें मौत के लिए प्रधान को दोषी बताया गया है। मामला दर्ज
कर लिया गया है, जांच की जा रही है। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए
भेजा गया है।