-2014 से अब तक के अधिकारी जांच के दायरे में
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। जिले के कोषागार में 43.13 करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले की जांच का दायरा अब और बढ़ गया है। एसआईटी ने वर्ष 2014 से अबतक कोषागार में कार्यरत सभी वरिष्ठ कोषाधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है। इस मामले में दो वरिष्ठ कोषाधिकारियों से चार घंटे की पूछताछ के बावजूद जांच दल संतुष्ट नहीं है और उन्हें पुनः पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया है। वहीं, विभाग के तीन अकाउंटेंटों से भी पूछताछ जारी है।
सूत्रों के अनुसार, कोषागार घोटाला मामले में एसआईटी ने जांच की गति तो बढ़ाई है, लेकिन विभाग के संदिग्ध अधिकारी और कर्मचारी गोलमोल जवाब देकर जांच को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। अभी तक पूछताछ के लिए बुलाए गए अधिकारी व कर्मचारी खुद को निर्दोष साबित करने में लगे हैं। पूर्व में तैनात रहे वरिष्ठ कोषाधिकारी कमलेश कुमार और शैलेंद्र कुमार से सोमवार को चार घंटे तक पूछताछ हुई, लेकिन कई बिंदुओं पर उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया। इसके चलते जांच टीम ने उन्हें फिर से रजिस्ट्री नोटिस भेजकर एसआईटी के सामने हाजिर होने का निर्देश दिया है।
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अकाउंटेंटों से पूछताछ, एटीओ पर कसा शिकंजा : इस मामले में बुधवार को तीन अकाउंटेंटों से भी पूछताछ की गई। उन्होंने भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल हस्ताक्षर और ऑनलाइन माध्यम से होने की जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, 2018 से तैनात इन अकाउंटेंटों ने बताया कि वे एटीओ (अकाउंटेंट ट्रेजरी ऑफिसर) के माध्यम से आने वाली फाइलों की जांच नहीं करते थे, बल्कि सीधे वरिष्ठ कोषाधिकारी के पटल पर भेज देते थे। उनका तर्क है कि वे निर्दोष हैं और एटीओ व वरिष्ठ कोषाधिकारी ही अधिक सही जानकारी दे सकते हैं। अब जांच टीम ने कोषाधिकारी विभाग के अधिकारियों पर शिकंजा कस दिया है और 2014 से तैनात सभी अधिकारियों और अकाउंटेंटों को नोटिस जारी कर सफाई देने के लिए बुलाया है। इन नोटिसों के जारी होते ही विभाग में खलबली मची हुई है।
बिचौलिए की तलाश जारी, परिजनों को धमकी : कोषागार घोटाला मामले में 99 नामजद आरोपियों में से सिर्फ एक वयोवृद्ध जोगवादेवी की जमानत हाईकोर्ट से मंजूर हुई है। जोगवादेवी ने अपने बयान में बिचौलिए अमित मिश्रा का नाम लिया था, जिसके खाते का इस्तेमाल शादी के नाम पर रुपये मंगवाने के लिए किया गया था। पुलिस अब बिचौलिए की तलाश कर रही है। ब्यूर निवासी जोगवादेवी के पुत्र शैलेंद्र त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि जमानत मिलने के बाद से बिचौलिया उनके परिजनों और बच्चों को धमकी दे रहा है और जान से मरवाने की बात कह रहा है। इससे पूरा परिवार भयभीत है। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस थाने में करने की बात कही है।
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बोले जिम्मेदार-
इस संबंध में अपर एसपी सत्यपाल सिंह ने बताया कि जांच जारी है और जरूरत के अनुसार सभी से पूछताछ की जाएगी। वरिष्ठ कोषाधिकारियों कमलेश और शैलेंद्र से दोबारा पूछताछ की जाएगी।