फोटो-22-बाजार में मूंग दाल की खरीदारी करती महिलाएं। संवाद
चित्रकूट। मकर संक्रांति पर्व से पहले बाजार में रौनक आ गई है। पर्व से पहले जिले के निवासियों ने खूब खरीदारी की। दुकानों में अन्य दिनों की अपेक्षा ग्रामीणों की संख्या अधिक देखने को मिली। इस पर्व में खिचड़ी खाने की परंपरा है। जिससे सबसे अधिक मूंग की दाल की बिक्री हुई। इसके अलावा तिल, गुड़ सहित अन्य सामग्री की बिक्री हुई है।
जिले के राजापुर, मानिकपुर, पहाड़ी कस्बे में मकर संक्रांति पर्व में जगह-जगह दुकानें सजी रही हैं। जिसमें सबसे अधिक दाल की दुकानों में ग्राहकों की भीड़ देखी गई। दुकानदारों राजेश गुप्ता और सुनील गुप्ता ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व में दालों की बिक्री अधिक होती है। इसमें मूंग, उड़द दाल की बिक्री सबसे अधिक होती है। इसके अलावा पकवान बनाने के लिए तिल, गुड़ की भी बिक्री के साथ गन्ना की बिक्री हो रही है। इस पर्व में नए कपड़े पहनने की परंपरा है।
जिससे ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों ने कपड़ा को खरीदा। शंकर बाजार स्थित दुकानदार बाबू गुप्ता ने बताया कि उसने दो दिन में दो क्विंटल से अधिक मूंग की दाल को बेची है। 20 हजार से अधिक की बिक्री की है। उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री गुलाब गुप्ता ने बताया कि मकर संक्रांति का प्रमुख पर्व है। इस पर्व में पिछले साल 70 लाख से अधिक की बिक्री हुई। इस बार 80 लाख की बिक्री होने की संभावना है।
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पतंग की हो रही बिक्री
चित्रकूट। मकर संक्रांति पर्व से पहले पतंगों की भी खूब बिक्री हो रही है। जिसमें रंग-बिरंगी पतंगों की बिक्री हो रही है। दुकानदार पिंटू, राजू ने बताया कि मकर संक्रांति पर्व में पतंग उड़ाने की परंपरा कई वर्ष से चली आ रही है। युवक-युवतियों के साथ ही इस पर्व में बच्चे भी पतंग उड़ाते हैं। इसको देखते हुए उन्होंने एक महीने से पहले ही पतंग का स्टॉक दुकानों में रख लिया था। पांच रुपये से लेकर 10 रुपये व 20 रुपये वाली बेचते हैं। सबसे अधिक पांच रुपये वाली पतंग मिलती है। मकर संक्रांति पर्व जिले में 20 हजार से अधिक पतंगों की बिक्री होती है।