चित्रकूट। दिन भर से भूखी मां अपनी मासूम बेटी को लेकर भोजन की तलाश में भटकर रही थी। बेटी भी बेहद कमजोर थी शायद उसको भी कुछ भोजन नहीं मिला था। इसी बीच लोक निर्माण विभाग के एई रामकुमार की नजर उस पर पड़ी तो उसे जिला अस्पताल के कुपोषण वार्ड में भर्ती कराया। डाक्टरों ने चेकअप किया तो मासूम बालिका कुपोषित मिली।
पहाड़ी के कुचारम गांव की हीराबाई पत्नी रामबाबू ने बताया कि वह रविवार की सुबह दो साल की बेटी को लेकर मुख्यालय काम की तलाश में मजदूरी करने आई थी लेकिन उसे कोई काम नहीं मिला। इसके बाद से वह भूखी प्यासी बेटी को लेकर इधर उधर भटक रही थी। उसके पास गांव लौटने के लिए रुपये भी नहीं थे। इसी बीच वहां से एई रामकुमार गुजरे तो रोती बालिका की ओर ध्यान गया। पूछताछ में महिला ने सारी जानकारी दी तो उसे जिला अस्पताल लाया गया। डा.पीडी चौधरी ने बालिका का चेकअप कर बताया कि यह कुपोषित है। इसके बाद मां-बेटी को भर्ती कर लिया गया है।