जयंत श्रीवास्तव
चित्रकूट। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में मंदाकिनी ने जो तबाही मचाई, उसका दर्द बांटने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे।
बाढ़ पीड़ितों से मिलने से पहले उन्होंने हवाई सर्वे कर जल-प्रलय की विभीषिका देखी, फिर जमीन पर उतरकर तबाही का मंजर देखा। वे लोगों को बाढ़ ने घर डुबोए हैं, हौसला नही, संदेश देकर गए।
मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जैसे ही चित्रकूट की सीमा में पहुंचा, नीचे बाढ़ का भयावह मंजर था। तरौहा, पड़री, मकरी और रामघाट तक जहां तक नजर गई, पानी ही पानी था, खेत बर्बाद पड़े थे, सड़कें तालाब बनी थीं। हवाई सर्वे में यह मंजर देख सीएम गंभीर हो गए और अधिकारियों से तत्काल जमीनी निरीक्षण की बात कही।
हवाई सर्वे के बाद सीएम का काफिला सीधे रामघाट पहुंचा। यहां मंदाकिनी के उफान ने घाटों की सीढ़ियां तोड़ दी थीं, चबूतरे धंस गए थे और जगह-जगह मलबा जमा था। घाटों पर सन्नाटा पसरा था। दिगंबर अखाड़ा व भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास महाराज की अगुवाई में साधु-संतों ने सीएम को अपनी पीड़ा बताई। उन्होंने कहा कि बाढ़ ने तीर्थस्थल को उजाड़ दिया है।
इस पर सीएम ने जिलाधिकारी को कड़े निर्देश दिए कि घाटों की सफाई और मरम्मत का काम पूरा किया जाए, साथ ही मंदिरों- मठों को दुरुस्त कराया जाए, इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
रैन बसेरे में सीएम को देखते ही रो पड़ीं कई महिलाएं
रामघाट के बाद मुख्यमंत्री रैन बसेरा पहुंचे, जहां बाढ़ प्रभावित परिवारों को ठहराया गया है। यहां का दृश्य बेहद मार्मिक था। सीएम को देखते ही कई महिलाएं फूट-फूटकर रो पड़ीं।
एक बुजुर्ग महिला बोली-बाबा, सब कुछ बह गया, अब कहां जाएं। इससे माहौल गमगीन हो गया। सीएम ने आगे बढ़कर महिला के कंधे पर हाथ रखा और भरोसा दिया कि चिंता मत करो, योगी सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है। यह धैर्य की घड़ी है, हर परिवार को नए घर के साथ खान-पान की व्यवस्था होगी। इस दौरान उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से किताबें और कॉपियां वितरित कीं ताकि उनकी पढ़ाई न रुके।
राहत किट के साथ लौटी मुस्कान
रामायण मेला प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने 800 से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री किट वितरित की। किट में आटा, चावल, दाल, तेल और जरूरी सामान था। कार्यक्रम में सबसे खूबसूरत पल तब आया जब सीएम ने बच्चों को चॉकलेट और टॉफियां देकर दुलारा। महीनों से डरे-सहमे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। मौके पर पूरा प्रशासन मौजूद रहा।