छात्रा मीनू को एंबुलेंस से इलाहाबाद ले जाती उसकी मां
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डायरिया व बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बुखार से पीड़ित इंटर के एक छात्र की मौत हो गई, जबकि छात्रा की हालत गंभीर होने पर उसे इलाहाबाद रेफर किया गया है। जिला अस्पताल में भी आधा दर्जन डायरिया के मरीज बुधवार को भर्ती हुए।
मुख्यालय के चित्रकूट इंटर कालेज में इंटर के छात्र तरौंहा निवासी रोहित तिवारी पुत्र बाबूलाल को दो दिन से बुखार था। परिजन उसका प्राइवेट चिकित्सक से इलाज करा रहे थे। बुधवार सुबह उसकी हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन डाक्टर के पास ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी होते ही कालेज में प्रधानाचार्य डा. रणवीर सिंह चौहान ने शोकसभा कर दो मिनट का मौन रखा। उन्होंने बताया कि छात्र होनहार था। हाईस्कूल में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किया था। रोहित इकलौता पुत्र था। प्रधानाचार्य के अनुसार रोहित को लगातार बुखार होने पर परिजन उसे लखनऊ भी ले गए थे। जहां डाक्टरों ने बताया कि उसके पेट में फोड़ा है।
जिसका इंफेक्शन पूरे शरीर में फैला है। जिससे उसकी मौत हुई। इसके अलावा शिवरामपुर कस्बे की इंटर की छात्रा मीनू (18) पुत्री अयोध्या प्रसाद को भी एक सप्ताह से बुखार होने पर परिजन बुधवार उसे जिला अस्पताल लाए जहां से उसे इलाहाबाद रेफर किया गया। वहीं मो. राहिल पुत्र अब्दुल निवासी पुरानी बाजार, तरन्नो पत्नी देवी शरण निवासी बसिला, नीरज पुत्र रामधनी निवासी तरौंहा, रनिया पुत्री रामप्रसाद निवासी एसडीएम कालोनी, रामप्रताप पुत्र सदाशिव निवासी सोनेपुर, चंद्रावती पत्नी रामभरोसे निवासी अहिरा व रामदास पुत्र कुंजल निवासी तरौंहा को डायरिया की शिकायत पर बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया।
डायरिया व बुखार पीड़ितों की संख्या बढ़ने पर ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डाक्टरों की चांदी है। बुधवार को इंटर की छात्रा मीनू के परिजनों ने बताया कि दो दिन से उसका इलाज गांव के झोलाछाप कर रहे थे। सुबह उसने 100 लेकर एक इंजेक्शन लगाया उसके बाद हालत बिगड़ गई। इस मामले में सीएमओ डा. अनीता सिंह ने कहा कि जल्द ही झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।