चित्रकूट। जिले की कई प्रमुख सड़कों की हालत खस्ता है। इन सड़कों पर दिन भर खनिज लदे ओवरलोड वाहनों आवागमन रहता है। भारी वाहनों के निकलते समय दो पहिया वाहनों को निकलने में बहुत परेशानियां होती हैं। सड़कों के नवीनीकरण के लिए कई बार क्षेत्रवासियों के साथ जनप्रतिनिधि भी मांग कर चुके हैं। इसके बाद भी सड़कों की हालत जस की तस बनी हुई है। वहीं विभाग प्रस्ताव पास न होने की बात कह रहा है।
21 किमी की सड़क हो गई बर्बाद
शिवरामपुर नहर से कौंहारी साईंपुर पहाड़ी क्षेत्र तक की 21 किमी लंबी सड़क है। इसकी मरम्मत कई साल पहले हुई थी लेकिन शहर के जाम व पुलिस से बचने के लिए खनिज लदे वाहन इसी सड़क से अधिक निकलते थे। अब हालत यह है कि दो पहिया वाहन को छोड़ दे तो कार व भारी वाहनों का निकलना मुश्किल है। पूरी सड़क में शायद ही कहीं डामर का नामोनिशान बचा हो। एंबुलेंस भी मरीजों को लेने समय से नहीं पहुंच पातीं।
हादसों के बाद भी नहीं हुई मरम्मत
बोडी पोखरी से सरैंया को जाने वाली सड़क करीब 10 किमी लंबी है। इसमें तो मध्य प्रदेश क्षेत्र से मानिकपुर होते हुए राजापुर की ओर जाने वाले भारी वाहनों का आवागमन होता है। इसी कारण सड़क खराब होती जा रही है। ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सड़क में कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके बाद भी सड़कें नहीं बनी है।
सड़कों की हालत को देखते हुए विभाग के साथ मुख्यमंत्री को पत्र भेजा गया है लेकिन अभी तक सड़कों की दशा में कोई सुधार नहीं हुआ है।
-भैरों प्रसाद मिश्र पूर्व सांसद
बोले जिम्मेदार
शिवरामपुर नहर से कौंहारी साईंपुर पहाड़ी क्षेत्र तक व बोडी पोखरी से सरैंया को जाने वाली सड़क के नवीनीकरण व चौड़ीकरण के लिए प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन शासन से मुहर नहीं लगी है। अब फिर से प्रस्ताव बना कर भेजा जाएगा।
-जितेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि प्रांतीय खंड।
फोटो 29 सीकेटीपी 02 शिवरामपुर नहर से कौंहारी साईंपुर सड़क की खराब सड़क।