03 सीकेटीपी-00-परीक्षा केंद्र के बाहर निकलते परीक्षार्थी। संवाद
-चार केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 4272 में से 4081 ने दी परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) शुक्रवार को जिले के चार परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिले में पंजीकृत 4272 अभ्यर्थियों में से 4081 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 191 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली में 2024 और दूसरी पाली में 2057 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा सुबह 9:30 से दोपहर 12 बजे तथा दूसरी पाली दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई। केंद्रों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखी। प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई।
इस बार प्रश्नपत्र का स्तर पिछले वर्षों की तुलना में अलग नजर आया। अधिकांश प्रश्न रटने के बजाय अभ्यर्थियों की विषयगत समझ, तार्किक सोच और शिक्षक के रूप में निर्णय लेने की क्षमता पर आधारित थे। बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र में समावेशी शिक्षा, किशोरों की स्वायत्तता, सहयोगात्मक अधिगम, संज्ञानात्मक सहारा और थॉर्नडाइक के अधिगम सिद्धांत से जुड़े प्रश्न पूछे गए।
हिंदी और उर्दू भाषा में व्याकरण आधारित प्रश्नों ने अभ्यर्थियों की तैयारी की परीक्षा ली, जबकि गणित, विज्ञान, पर्यावरण अध्ययन और सामाजिक अध्ययन में अवधारणात्मक सवालों को प्राथमिकता दी गई। संविधान, इतिहास, भूगोल, खेलकूद और सड़क सुरक्षा संकेतों से जुड़े प्रश्न भी शामिल रहे। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली। अधिकांश केंद्रों पर महिला अभ्यर्थियों की संख्या पुरुषों से अधिक रही। कई अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत महिला अभ्यर्थियों को केवल मंगलसूत्र पहनने की अनुमति दी गई।
अभ्यर्थियों ने कहा- पेपर आसान नहीं
फोटो-00-मनहरण प्रजापति
कौशांबी से परीक्षा देने आए मनहरण प्रजापति ने बताया,पेपर ठीक-ठाक रहा। बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के कई प्रश्न सीधे नहीं थे, बल्कि परिस्थिति आधारित थे, इसलिए काफी सोचकर उत्तर देना पड़ा। हिंदी का पेपर अपेक्षाकृत आसान लगा। मुझे उम्मीद है कि इस बार टीईटी उत्तीर्ण कर लूंगा।
फोटो-00-आशीष सिंह
कौशांबी के आशीष सिंह ने बताया कि गणित के कुछ प्रश्न काफी उलझाने वाले थे। बाकी विषयों का पेपर संतुलित रहा। इस बार केवल रटकर आने वालों के लिए पेपर आसान नहीं था। जिनकी अवधारणाएं मजबूत थीं, उन्हें फायदा मिला। कुल मिलाकर परीक्षा अच्छी रही और परिणाम को लेकर सकारात्मक हूं।