खोही(चित्रकूट)। अयोध्या में श्रीराम मंदिर भूमिपूजन के साथ जिले के विकास के द्वार खुलने जा रहे हैं। श्रीराम वनगमन मार्ग सहित तीर्थ स्थलों के विकास के लिए सुझाव मांगे गए हैं। इनके पास होने पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में काम कराए जाएंगे। वहीं पुराने प्रस्तावों पर काम तेज होगा। पुराने प्रस्तावों में अयोध्या से चित्रकूट के लिए वनगमन मार्ग का काम अंतिम चरण में है। मध्य प्रदेश में चित्रकूट से अमरकंटक तक वनगमन मार्ग के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनने के बाद उनके वनगमन के स्थलों को सड़कों से जोड़ा जाएगा। अयोध्या से चित्रकूट तक 375 किलोमीटर सड़क निर्माण का काम अंतिम चरण में है। चित्रकूट से अमरकंटक तक 370 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया जाना है। इसके बाद इस मार्ग के किनारे पड़ने वाले प्रमुख तीर्थ स्थलों का विकास किया जाएगा। इससे पर्यटन के जरिए यहां के लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विकास के लिए साधु, संतों और समाजसेवियों से सुझाव मांगे गए हैं। नगर पंचायत चित्रकूट के अधिकारी रमाशंकर ने बताया कि राम वनगमन मार्ग के किनारे के तीर्थ स्थलों के विकास के लिए सरकार ने सुझाव मांगे हैं। इन्हें जल्द भेज दिया जाएगा। पहले के सुझावों पर काम चल रहा है।