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किशोरी से गैंगरेप, मौत

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पहाड़ी (चित्रकूट)। पहाड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव में घर के बाहर सो रही दलित किशोरी को अगवा कर दो युवकों ने दुष्कर्म किया। किशोरी की हालत बिगड़ने पर उसे कौशांबी जिले के मंझनपुर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुरुवार की रात उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। दोनों आरोपी फरार हैं। सूचना पर एसपी अतुल शर्मा भी मौके पर पहुंचे।
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किशोरी के परिजनों के मुताबिक हंडिया प्रयागराज निवासी नदीम बरेठी रोड पर पीडब्ल्यूडी के प्लांट में ठेकेदार के लिए मजदूरी करता है। बुधवार की रात बेटी घर के बाहर सो रही थी। नदीम अपने दोस्त आदर्श पांडेय के साथ आया और किशोरी के मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसको खेतों की तरफ उठा ले गया। वहां दोनों ने दुष्कर्म किया।
रात करीब एक बजे बेटी बिस्तर पर नहीं मिली तो खोजबीन शुरू की। काफी ढूंढने के बाद वह घर से थोड़ी दूरी पर नाला किनारे बेहोशी की हालत में मिली। उसके दोनों हाथ बंधे थे। सुबह करीब पांच बजे जब उसको होश आया तो आपबीती सुनाई।
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परिजनों का आरोप है कि सुबह जब बेटी को लेकर थाने जा रहे थे तो रास्ते में ठेकेदार के परिचित अरछा बरेठी निवासी विपुल मिश्रा ने रोक लिया। विपुल ने लोकलाज का भय दिखाया और बेटी का इलाज कराने की बात कहकर पुलिस के पास न जाने के लिए कहा।
इनकार करने पर धमकी दी। विपुल ही उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर कौशांबी के मंझनपुर स्थित प्राइवेट अस्पताल में ले गया। गुरुवार की रात बेटी की मौत हो गई। शुक्रवार को परिजन शव गांव ले आए और पुलिस को सूचना दी। इस मामले में तीनों आरोपियों नदीम, आदर्श और विपुल पर सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, एससीएसटी, अपहरण, गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दुष्कर्म के बाद किशोरी की मौत के मामले में गांव व आसपास तरह-तरह की चर्चाएं गर्म है। ग्रामीणों में चर्चा है कि नदीम का पहले से ही किशोरी के घर पर आना-जाना था। घटना वाले दिन नदीम को किशोरी के साथ किसी आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इस पर किशोरी की पिटाई कर दी थी। चर्चा है कि इसके बाद से किशोरी का हालत खराब हो गई थी। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। परिजन उसे सरकारी अस्पताल या पुलिस के पास इसलिए नहीं ले गए, क्योंकि उन्हें भेद खुलने का डर था। लोकलाज का भय भी था। पुलिस से बचने के लिए ही उसे जिला अस्पताल न लाकर कौशांबी के मंझनपुर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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