सदर ब्लाक के शीतलपुर तरौंहा के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर नोडल अधिकारी पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई लोग दो पेंशन ले रहे हैं। पति के जीवित रहते हुए भी महिलाएं विधवा पेंशन ले रहीं हैं।
गुरुवार को किशोरी लाल, विनोद कुमार, सोहनलाल, ओमप्रकाश, अक्षय सिंह, भूपत सिंह, तेरसराम, छोटेलाल और गोविंद सिंह ने बताया कि नोडल अधिकारी ने प्रधान के घर में बैठकर फर्जी सत्यापन का काम किया है। पिछले वर्ष का पंचायत भवन अधूरा पड़ा है। कुछ लोग समाजवादी पेंशन और अंत्योदय कार्ड धारक के साथ दूसरी पेंशन का भी लाभ ले रहे हैं। इनकी जांच नहीं की गई। मृतकों के नाम राशन कार्ड हैं। उसकी भी रिपोर्ट नहीं बनाई गई है। ग्रामीणों ने जांच कराने की मांग की है।
पहाड़ी ब्लाक के खरूही गांव निवासी लवलेश, प्रेमा, गोंदिया, श्रीकेशन, माया, सुरेश वर्मा, विनोद, बिट्टी देवी, अशोक व रामदीन ने प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि कोटेदार अंत्योदय और पात्र गृहस्थी राशन कार्ड पर भी सामग्री नहीं दे रहा है।
मानिकपुर ब्लाक के रूखमा बुजुर्ग के राम कृपाल, शिवप्रसाद, बाबूलाल, बच्चू देवी, सुनीता, नथिया, भइया और रामसेवक आदि ने डीएम को ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि सूखा राहत पैकेट वितरण में कोटेदार पक्षपात कर रहा है। कुछ लोगों से कोटेदार ने पैकेट दिलाने के नाम पर वसूली भी की है।
अनुसूचित जनजाति और अन्य पंरपरागत वन निवासी मुन्ना लाल, राज किशोर, तीरथ कोल, लल्लू मवासी, राजा कोल, राजबली, सुमित्रा और रामनरेश ने वन भूमि पर कोल जाति का अधिकार होने की बात कहते हुए कहा कि वन विभाग कटीली तार और बेड लगाकर घेराबंदी कर रहा हैं। जिससे कोल समुदाय का नुकसान हो रहा है। उधर भारतीय किसान यूनियन की ब्लाक इकाई ने सदर एसडीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। पांच सूत्री ज्ञापन देकर किसानों को बचा सूखा राहत का मुआवजा दिलाने की मांग की।