गुरुजहां जंगल से मिले बलखड़िया के अवशेष को जांच के लिए लैब भेजने के करीब एक माह बाद पुलिस ने डीएनए जांच के लिए उसके पिता और भाई का ब्लड सैंपल लिया। इसे लखनऊ लैब भेजा जाएगा। बलखड़िया के पुत्र का भी ब्लड सैंपल लिया जाना था लेकिन वह नहीं आया।
गौरतलब है कि दस्यु बलखड़िया उर्फ सुदेश पटेल दो जुलाई को मारकुंडी थानाक्षेत्र के बंधा भीतर कोलान में पुलिस से हुई मुठभेड़ में घायल हुआ था। बाद में ये सुबूत मिले थे कि उसकी मौत हो गई। लखनपुर के गुरुजहां जंगल में साथियों ने उसकी अंत्येष्टि की थी। 18 जुलाई को गैंग के सदस्य गया पटेल की गिरफ्तारी के बाद इसकी निशानदेही पर पुलिस ने गुरुजहां जंगल से बलखड़िया की अस्थियां, दांत और राख बरामद कर इसे जांच के लखनऊ लैब भेजा था।
मुठभेड़ की विवेचना कर रहे प्रभारी निरीक्षक आरके मिश्रा ने इसकी डीएनए जांच के लिए बलखड़िया के पिता राम रतन पटेल, भाई हेमराज और पुत्र धर्मेंद्र का ब्लड सैंपल लेने को प्रभारी विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) आशीष जैन से मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के लिए आदेश पारित करने को याचना की। इस पर 11 अगस्त को न्यायाधीश आशीष जैन ने प्रार्थनापत्र स्वीकार कर सीएमएस चित्रकूट को आदेश दिया कि वह इन लोगों का ब्लड सैंपल दो गवाहों के समक्ष लेना सुनिश्चित करें। बुधवार को मारकुंडी एसओ श्रवण कुमार सिंह और राजापुर एसओ आरके मिश्रा बलखड़िया के पिता रामरतन (85) और भाई हेमराज (54) को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां सीएमएस डा. एनके गुप्ता के समक्ष डा. प्रमोद कुमार ने दोनों के खून का नमूना लिया। एसओ ने बताया कि ब्लड सैंपल लखनऊ भेजा जाएगा। वहीं रामरतन ने बताया कि बलखड़िया का पुत्र धर्मेंद्र ननिहाल रैपुरा जाने के कारण नहीं आ सका।