सोमवती अमावस्या पर करीब चार लाख श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में स्नान किया। कामदगिरि की परिक्रमा करने के बाद दान कर पुण्य कमाया। आस्थावानों ने महाराजाधिराज मत्यगयेंद्र नाथ का जलाभिषेक भी किया।
सोमवती अमावस्या पर प्रशासन ने करीब दस लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई थी। लेकिन भीषण गर्मी के चलते ये संख्या आधी से भी कम रही। सोमवार को सुबह से ही परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालु पहुंचना शुरू हो गए। उन्होंने रामघाट पहुंच मंदाकिनी नदी में स्नान किया। इस दिन दान करने का भी विशेष फल मिलता है।
इसके चलते भक्तों ने परिक्रमा करने के बाद गरीबों को वस्त्र, फल आदि दान किए। वहीं घाट पर विभिन्न संस्थाओं और समाजसेवियों ने भक्तों के लिए ठंडे पानी और भोजन की व्यवस्था की। युवा समाजसेवी शानू गुप्ता, राजू केशरवानी, पिक्कू जायसवाल, अशोक गुप्ता, शेषू जायसवाल, नारायण दास गुप्ता, राकेश मोदनवाल आदि ने रामायण मेला परिसर के सामने भंडारे का आयोजन किया।
साथ ही पेयजल की व्यवस्था की। उधर, रेलवे स्टेशन में अंतरजनपदीय शिक्षक संघ और व्यापार मंडल के तत्वावधान में तीर्थयात्रियों के लिए शरबत की व्यवस्था की गई।