चित्रकूट। आखिरकार करोड़ों के वित्तीय अनियमितता की शिकायत पर विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता व लेखाकार को निलंबित कर दिया गया है। दोनों पर विभाग की पूर्ण जमा योजना की डेढ़ करोड़ और सिरावल पंप कैनाल में लगभग 50 लाख की धनराशि का सही तरीके से प्रयोग न करने का आरोप लगा था।
दोनों योजनाओं में इन पर मोटा कमीशन लेने की शिकायत की जांच हुई।
विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि विभाग की पूर्ण जमा योजना में एक करोड़ 52 लाख के फंड का प्रयोग अधिशाषी अभियंता राजमणि विश्वकर्मा और लेखाकार फूलचंद्र ने नियमों के विपरीत फंड निकाल लिया।
इस मद की धनराशि निकालने के लिए कई अधिकारियों की अनुमति जरूरी होती है लेकिन बिना अनुमति के इसे आहरित कर ठेकेदारों को भुगतान किया गया है। इसी में दोनों के कमीशन लेने का आरोप लगा था जिसकी जांच चल रही थी। इसके अलावा राजापुर के सिरावलपंप कैनाल में कम दूरी के बावजूद लंबी दूरी का पाइप डलवाने, आरसीसी का चबूतरा न बनवाने और गलत आंकलन की रिपोर्ट की जांच चल रही थी।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि प्रबंध निदेशक एसके वर्मा आगरा ने जांच के आधार पर ही दोनों को निलंबित करने का आदेश दिया है। इस निर्णय की जानकारी चित्रकूट के दोनों अधिकारियों को दी जा चुकी है। आदेशानुसार अधिशाषी अभियंता को कानपुर और लेखाकार को झांसी कार्यालय से अटैच भी किया गया है। चित्रकूट के प्रभारी अधिशाषी अभियंता एसडीओ रामलखन को बनाया गया है।