चित्रकूट। पंचायतों के ग्राम निधि खाते में आबंटित धनराशि में 22 लाख रुपये का अनियमित तरीके से भुगतान करने के मामले में अधिकारियों पर गाज गिरना शुरु हो गई है। अमर उजाला ने 10 दिसंबर को इससे जुड़ी खबरें प्रकाशित की थीं।
इसी मामले में सचिवों के बाद उप निदेशक पंचायत चित्रकूट धाम मंडल, डीपीआरओ व एडीपीआरओ को निलंबित कर दिया गया है। मंडल में पूर्व में तैनात रहे रहे उप निदेशक व डीपीआरओ के खिलाफ जांच कर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
पंचायतों के ग्राम निधि खाते में आवंटित धनराशि का अनियमित तरीके भुगतान किया गया है। पिछले चार साल के भीतर हुए भुगतान में नियमों की अनदेखी जांच के दौरान सामने आई है। पंचायतों ने खर्च के बिल उपलब्ध नहीं कराए। पहाड़ी व मानिकपुर ब्लाक की पंचायतों में 22.82 लाख रुपये की अनियमितता पाए जाने पर बीते नौ दिसंबर को डीपीआरओ कुमार अमरेंद्र ने 17 सचिवों पर मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मामले में प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने लापरवाही पाए जाने पर उप निदेशक पंचायत चित्रकूट धाम मंंडल संजय यादव, डीपीआरओ चित्रकूट कुमार अमरेंद्र व एडीपीआरओ रमेश चंद्र गुप्ता को निलंबित कर निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया है।
पूर्व में उप निदेशक रहे मौजूदा बस्ती मंडल के डीडी समरजीत यादव व चित्रकूट के डीपीआरओ तुलसीराम मौजूदा तैनाती कन्नौज के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए जांच के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय कार्रवाई करने के दिए आदेश
चित्रकूट। पंचायती राज के अपर मुुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने डीएम चित्रकूट के अलावा प्रदेश के पंचायती राज के निदेशक को जारी पत्र में निर्देश दिए हैं कि प्रकरण से संबंधित सहायक विकास अधिकारी, पंचायत से संबंधित सचिव ग्राम पंचायत को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई की जाए। संबंधित ग्राम पंचायत जहां से अनियमितता हुई है।
उनके खातों के संचालन को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए। जनपद चित्रकूट में इस योजना से संबंधित डीसी/डीपीएम और एडीपीएम तथा मुख्यालय स्तर पर योजना से संबंधित स्टेट कंसल्टेंट की सेवाएं समाप्त किया। गौरतलब है कि अमर उजाला ने दस दिसंबर को 22 लाख की गड़बड़ी पर 17 सचिवों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज और 14 दिसंबर का लपेटे में आए 76 प्रधान, जारी होगी नोटिस की खबर को प्रमुखता से छापा है।
अब सचिवों पर तलवार लटकी
चित्रकूट। मामले की जांच अपर निदेशक प्रशासनिक पंचायतीराज लखनऊ राजकुमार को सौंपी गई है। प्रकरण से संबंधित सभी एडीओ पंचायत सभी सचिवों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई होगी। संबंधित ग्राम पंचायत के खाते के संचालन को प्रतिबंध करते हुए डीसी, डीपीएम, एडीपीएम तथा मुख्यालय स्तर पर योजना से संबंधित कंसल्टेंट की सेवा समाप्त करने के आदेश शासन ने जारी किए हैं।