कई दिनों से भीषण ठंड झेल रहे लोगों को रविवार को सूर्यदेव ने राहत दी। न्यूनतम और उच्चतम दोनों ही पारों ने दोगुनी उछाल मारी। लोगों ने छत पर धूप का आनंद लिया।
गलन और शीतलहर से लोगों का बुरा हाल था। गत शनिवार को तो तापमान ने चार साल का रिकार्ड तोड़ दिया था। अधिकतम तापमान 13 और न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस था।
कई दिनों से तो लोग सूर्य देव के दर्शन को ही तरस गए थे। रविवार सुबह भी सूर्य देव बादलों में ही छिपे रहे लेकिन करीब एक घंटे की आंखमिचौली के बाद वे मेहरबान हुए।
चटख धूप निकलते ही लोगों ने राहत की सांस ली। कई दिनों से धूप के लिए तरस रहे लोगों ने बाहर और छत पर धूप का आनंद लिया।
रविवार को उच्चतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम पारा 6 डिग्री रहा। मौसम सुहाना होते ही लोगों ने आवश्यक कार्य भी निपटाए। बाजारों में भी रोज की अपेक्षा अधिक चहल-पहल रही। हालांकि मौसम वैज्ञानिकाें के अनुसार मौसम फिर करवट ले सकता है।
किसानों की चिंता हुई कम
तापमान में हो रही गिरावट से दलहनी फसलों पर पाले का खतरा मंडरा रहा था। इससे किसान परेशान थे। रविवार को मौसम बदलते ही किसानों की चिंता भी कम हो गई।
राजापुर के किसान लवकुश पांडे. नत्थू पांडे, सरदार सिंह, हरबक्श सिंह श्रीनेत आदि ने बताया कि धूप निकलने से कुछ उम्मीद बंधी है। अरहर, सरसों, चना, मसूर, बैंगन और टमाटर आदि सब्जियों को पाले से अधिक खतरा था। अब कुछ दिन ऐसी ही धूप निकलती रहे तो फसलें बच सकती हैं।
शिवरामपुर प्रतिनिधि के अनुसार किसान अब ऐसा ही मौसम बना रहने की प्रार्थना कर रहे हैं। मुन्ना यादव निवासी शिवरामपुर, रामबहोरी चकला और रामप्रसाद निवासी कल्ला आदि ने बताया कि धूप निकलने से फसल में कीड़े लगने की आशंका कम हो गई है।
कंबल वितरण और अलाव में खानापूरी
सरैंया प्रतिनिधि के मुताबिक इलाके में अलाव जलाने और कंबल वितरण में खानापूरी हो रही है। सरैंया में राजापुर तिराहे के पास एक जगह अलाव जल रहा है।
गांव के संदीप शुक्ला, धीरू, रमाशंकर, कल्लू पटेल आदि का कहना है कि बैंक, बस स्टैंड के पास और अन्य जगहों पर अलाव की जरूरत है। उधर लेखपाल आरएन सिंह ने बताया कि वह प्रधान की लिस्ट के आधार पर 26 लोगों को कंबल बांट चुके हैं।
जबकि गांव में जगुनिया (80) पत्नी भैरम जैसे तमाम लोग हैं, जिनको कंबल नसीब नहीं हुुआ। इसी तरह भौरी में लेखपाल राजेंद्र सिंह कछवाह दावा करते हैं कि अब तक वह 48 गरीबों को कंबल दे चुके हैं। कई जगहों पर अलाव भी जल रहे हैं।
उधर रैपुरा के लेखपाल अशोक कुशवाहा ने बताया कि वह बोड़ी पोखरी चौराहा पर अलाव जलवा रहे हैं। लेकिन बहुत से गरीब अभी अलाव और कंबल की आस में हैं।