स्वतंत्रता दिवस की तैयारियाें को लेकर खेल मैदान में चल रहे अभ्यास के दौरान 50 छात्रों की तबियत अचानक बिगड़ गई। आधे छात्र मैदान पर ही गश खाकर गिर पड़े। जिससे हड़कंप मच गया। सभी को एंबुलेंस व स्कूल की बसों से अस्पताल में भर्ती कराया गया। सभी छात्र-छात्राओं को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया है।
मप्र स्थित जिले के सीमावर्ती नया गांव थानाक्षेत्र के जानकी कुंड विद्याधाम पूर्व माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान पर गुरुवार को जानकी कुंड सद्गुरु ट्रस्ट से संचालित चार स्कूलों के छात्र-छात्राएं स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम की रिहर्सल कर रहे थे।
विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी वहीं मौजूद थीं। छात्र राहुल, मानसी, दिव्या व रज्जन ने बताया कि सभी छात्र सुबह सात बजे घर से आए थे और लंच ब्रेक पर शिक्षकों ने टिफिन का खाना बाद में खाने की बात कहकर बिस्किट दिए। रिहर्सल के बीच प्यास लगने पर कुछ बच्चे जाने लगे, तो वहां मौजूद कुछ शिक्षकों ने उन्हें बाद में पानी पीने को कहकर रोक दिया।
तेज धूप होने के कारण कुछ छात्र गश खाकर गिर पड़े, तो कुछ पेट पकड़कर चिल्लाने लगे। तत्काल स्कूल की बसों व एंबुलेंस से छात्रों को जानकी कुंड चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। उधर, बच्चों के बेहोश होने की जानकारी मिलते ही अभिभावक दौड़कर अस्पताल पहुंचे।
सभी ने शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाया। कुछ ने बताया कि बिस्किट खाने के कुछ देर बाद छात्रों की हालत खराब हुई। जबकि कुछ ने बताया कि पानी न पीने के कारण छात्रों को चक्कर आया।
जानकारी होते ही सद्गुरु सेवा संघ के ट्रस्टी डा. बीके जैन अस्पताल पहुंचे और सभी डाक्टरों को बुलाकर छात्रों का इलाज शुरू कराया। छात्र आशीष, रागिनी, गरिमा, भैरों, राहुल व विनय की हालत गंभीर होने पर उन्हें आपातकालीन कक्ष में भर्ती किया गया।
शाम तक अस्पताल में अफरा तफरी का माहौल रहा। नया गांव थाना प्रभारी रितेश शर्मा ने भी अस्पताल आकर छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों व डाक्टरों के बयान दर्ज किए। डा. बीके जैन ने बताया कि मैदान के पास पर्याप्त पानी रखा था।
कई और बच्चों ने पानी पिया और बिस्किट खाए हैं। लेकिन उनका स्वास्थ्य खराब नहीं हुआ। तेज धूप, उमस के बीच बच्चों के भूखे होने से उन्हें डिहाईड्रेशन हुआ और वह गिर पड़े। छात्रों को इलाज कराकर घर भेज दिया गया है। सभी की हालत सामान्य है।
डा. जैन ने कहा कि जो शिकायतें शिक्षकों के संदर्भ में मिली हैं, उनकी जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट में यदि छात्रों की शिकायतें सही मिलीं, तो संबधित शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।