रबी की फसल बारिश न होने से सूखने लगी हैं। कई स्थानों पर नहरें न चलने से किसान परेशान हैं। पाठा क्षेत्र व भरतकूप क्षेत्र में लो वोल्टेज के चलते नलकूप नहीं चल पा रहे हैं जिससे खेतों में तैयार हो रही गेहूं, अरहर, चना की फसल सूखने लगी हैं। खासकर अरहर की फसल की सिंचाई न होने से पाला पड़ रहा है।
पिछले साल अच्छी बारिश के बाद किसानों ने रबी की फसल की बुआई की अब खेतों में पलेवा क े लिए बारिश का इंतजार हो रहा है। उम्मीद थी कि जनवरी के पहले सप्ताह में बारिश होगी। मकर संक्रांति बीतने के बाद भी बारिश नहीं हो रही है। जिससे बगैर सिंचाई वाले क्षेत्रों में किसान हलाकान हैं। कई स्थानों पर अरहर, चना व गेहूं की फसलें सूखने लगी हैं। सबसे अधिक मानिकपुर विकास खंड क्षेत्र की फसलों पर प्रभाव पड़ रहा है। इस क्षेत्र में सिंचाई के कम साधन भी हैं।
बारिश न होने से खिंचरी, कल्याणपुर रामपुर, मऊ गुरदरी, पटा, आदि गांव व पाठा क्षेत्र के मारकुंड़ी, बरूई, बड़ी मडैंयन, छोटी मड़ैयन, छतूपुर, सपहा आदि गांव में लगी फसलें सूख रही हैं। क्षेत्र के किसान राजेश द्विवेदी, भोला गौतम, सुरेश पटेल ने बताया कि फसल सूख रही है। नहरें नहीं हैं और कुछ नलकूप लगे हैं लेकिन कम वोल्टेज के कारण नलकूप नहीं चल पाते। राजापुर क्षेत्र के किसान भारतेंदु कुमार मिश्र, कंचन मइयादीन्र मुन्ना त्रिपाठी, धनश्याम त्रिपाठी ने बताया कि लमियारी पंप कैनाल को चालू नहीं किया जा रहा है।
इस कारण लमियारी, गडौली, हरिशनपुर सहित कई गांव में फसल सूख रही है। बरगढ़ क्षेत्र के किसान छेदी शुक्ला, राजू तिवारी, ललित सिंह, कमलेश विश्वकर्मा ने बताया कि हर साल जनवरी माह के पहले सप्ताह मेें बारिश होती थी। यदि जल्द बारिश न हुई तो फसल खराब हो जाएगी।
वही शिवरामपुर क्षेत्र के किसान घनश्याम, छोटेलाल मनोज उपाध्याया आदि ने बताया कि बरूवा नहर न चलने से बरूवा से शिवरामपुर,रैपुरवा तराव बगलाई इटखरी, भैसोंधा, पहड़िया में सिंचाई बंद पड़ी है।