मौनी अमावस्या का तीन दिवसीय मेला रविवार से शुरू हो गया। तीर्थक्षेत्र पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने रविवार मंदाकिनी किनारे मठ-मंदिरों व रामघाट के किनारे डेरा जमा लिया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल तैनात है। बम निरोधक दस्ता व गैर जनपद से आई पुलिस भी रेलवे स्टेशन से लेकर रामघाट तक चौकसी बरत रही है।
माघ के माह में सोमवार को मौनी अमावस्या का विशेष स्नान करने के लिए लाखों श्रद्धालु नगर आते है। इस दिन ट्रेन व बसों में खड़े होने की जगह नहीं मिलती है। लाखों श्रद्धालु मंदाकिनी में डुबकी लगाने के लिए रामघाट व आसपास के मठ-मंदिरों में डेरा जमा लिए है। तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में पूरे प्रदेश के साथ कई जिलों से लाखों श्रद्धालु आते है।
इसके चलते जिला प्रशासन ने मध्य प्रदेश सतना के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षा के संयुक्त प्रयास किए हैं। जिलाधिकारी नीलम अहलावत व पुलिस अधीक्षक केके चौधरी ने रविवार की शाम को मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। भीड़ एकत्र होने वाले स्थानों पर सुरक्षा के इंतजाम की जानकारी ली। अपर पुलिस अधीक्षक आरडी चौरसिया व उपजिलाधिकारी रजनीश मिश्रा के साथ नगर पालिका ईओ लालचंद्र सरोज मेला क्षेत्र में ही डेरा जमाए हैं।
महानगरी एक्सप्रेस में बम मिलने के बाद अलर्ट घोषित है। इस बार मेले में बम निरोधक दस्ता भी विशेष रूप से बुलाया गया है। जो रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टेंपो स्टैंड समेत रामघाट व कामदगिरी प्रमुख द्वार के पास निगरानी रखेंगी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बांदा, महोबा, हमीरपुर जनपद से अतिरिक्त पुलिस बल के साथ दो बटालियन पीएसी बल मंगाया गया है।
रविवार की शाम को रामघाट व मेला क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के दौरान विवाद होते बचा। एसडीएम व ईओ रामघाट में अतिक्रमण हटवा रहे थे तो वहां घाट किनारे कथा स्थल पर काफी साइकिलें खड़ी थीं। जैसे ही साइकिलों को हटाया गया तो वहां मौजूद साधुओं ने विरोध करना शुरू कर दिया। विवाद की स्थिति बनी लेकिन किसी तरह मामला शांत कराया गया।