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शिक्षक तो कभी वैज्ञानिक नजर आए केंद्रीय मंत्री

Sun, 07 Feb 2016 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चित्रकूट
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गोद लिए गांव पहुंचे केंद्रीय पर्यावरण मंत्री के कई रूप देखने को मिले। कभी गांव के संरक्षक तो कभी शिक्षक बन गए। इसके बाद कृषि वैज्ञानिक की तरह विशेषज्ञों को निर्देश दिए कि किसानों के लिए अधिक उत्पादन वाली खेती करने के तरीके बताएं। उन्होंने कहा कि यहां पहुंचकर लगा कि ग्रामीण जागरूक हो रहे हैं। स्वावलंबी बनने की इच्छा सिर्फ पुरूषों में ही नहीं महिलाओं में भी दिखी।
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावेड़कर रविवार को संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से चित्रकूटधाम कर्वी पहुंचे। यहां से  सीधा अपने गोद लिए सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पालदेव गांव गए। पहले स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की चौपाल लगाई। चौपाल में जानकारी लेने के बाद कहा कृषि में उत्पादन बढ़ाने के लिए गांव के किसानों को कृषि वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके साथ ही महिलाओं को लाडली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र भी दिए गए।

इस दौरान उनके साथ दिल्ली से आए कृषि वैज्ञानिकों और मंझगवां कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों को हाथी घास लगाने और खेती में उत्पादन बढ़ाने के बारे में जानकारी दी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने विद्यालय के अध्यापकों के साथ बैठक कर कहा कि पिछले एक साल में विद्यालयों के रिजल्ट में काफी सुधार आया है। इसमें मेहनत करके और बढ़ाने की कोशिश करें।
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उन्होंने समूह बनाकर काम करने वाली महिलाओं और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की बच्चों के लिए चलाई गई योजना में काम करने वाली महिलाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि गोद लेने के समय गांव के विकास के जो सपने देखे थे वह कारगर साबित हो रहे है। इसके साथ ही किसानों को उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने की बात कही। उनके साथ महेंद्र सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
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