लगभग 14 महीने के कार्यकाल में पुलिस अधीक्षक केके चौधरी ने दस्यु प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के मन को जीता था। उनके कार्यकाल में तीन डाकू गैंग का खात्मा हुआ और एक दर्जन इनामिया डाकू पकड़े गए।
रविवार को पुलिस लाइन में डीएम मोनिका रानी से लेकर जिले के सभी अधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को विदाई दी। गौरतलब है कि उनका स्थानांतरण हापुड़ जिले के लिए हो गया है। डाकू बलखडिया के जुलाई 2015 में मारे जाने के बाद 29 अगस्त 2015 को एसपी केके चौधरी ने पदभार ग्रहण किया था। उनके कार्यकाल में डाकू शिवा पटेल गैंग, कमलेश उर्फ मर्द पटेल गैंग व शिक्षकों को अपहरण करने वाला अशोक कोल गैंग का खात्मा हुआ। इस गैंग के कई सदस्य मारे गए और कई जेल में बंद हैं।
इसके अलावा 12 हजार का इनामी बरदानी डाकू समेत आधा दर्जन अन्य इनामी डाकू भी पकड़े गए। अपर एसपी अशोक कुमार ने बताया कि एसपी ने स्वयं नेतृत्व कर जंगलों में दिनरात कांबिंग कर दस्युओं में दहशत व ग्रामीणों में साहस उत्पन्न कराया। सभी ने उन्हें स्मृति चिंह देकर विदाई दी।