ग्राम तुरगवां में पुत्रों ने पिता को मृत दर्शाकर वरासत अपने नाम दर्ज करा ली। अब पीड़ित पिता खुद को जिंदा साबित करने के लिए अधिकारियों की चौखट पर दस्तक दे रहा है। उसने इस संदर्भ में एसडीएम को प्रार्थनापत्र भी दिया है। लेखपाल पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि न्याय नहीं मिला तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।
तुरगवां निवासी शारदा प्रसाद पुत्र रजोल ने बताया कि उसकी खोहर गांव में सौ बीघे की काश्तकारी है। उसका पिता रजोल 1982 से लगातार तीन बार तुरगवां का प्रधान भी रह चुका है। पिछले दिनों जब उसने किसी काम के लिए खतौनी की नकल निकलवाई तो वह दंग रह गया। इसमें उसको मृत दिखाते हुए उसकी जगह उसके पुत्रों सुनील कुमार, अनिल कुमार और पत्नी सावित्री देवी निवासी गुर्दवान का पुरवा मजरा खोहर के नाम दर्ज थे। इस संबंध में 27.10.2014 को तहसीलदार के आदेश का उल्लेख भी किया गया है।
शारदा ने बताया कि अब वह खुद के जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए भटक रहा है। उसने एसडीएम मिश्रीलाल को प्रार्थनापत्र देकर कहा है कि वह तुरगवां का मूल निवासी है और खोहर का काश्तकार है। लेखपाल ने उसे मृत दिखाकर उसके वारिसानों का नाम दर्ज कर दिया है। उसने लेखपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और उसका नाम वरासत में दर्ज कराने की गुहार लगाई है।