पौष मास की सोमवती अमावस्या पर कड़ाके की ठंड के बावजूद लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र पावनी मंदाकिनी में डुबकी लगाई। मंदाकिनी में गोते लगा श्रद्धालुओं ने कामदगिरि की परिक्रमा की।
सुबह से देर शाम तक स्नान का सिलसिला जारी रहा। हालांकि प्रशासन ने तमाम स्थानों में अलाव की व्यवस्था की थी लेकिन भीड़ को देख व्यवस्था कम पड़ गई।
सोमवार इस साल का सबसे ठंडा दिन रहा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान गिरने से ठंड रही। अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 6.5 के आसपास रहा। रविवार से ही तीर्थक्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ होनी शुरू हो गई। सोमवार की दोपहर तक ट्रेनों और बसों से लोगों के आने का सिलसिला जारी रहा।
कोहरे की वजह से ट्रेनों की लेटलतीफी के चलते स्टेशन पर भारी भीड़ रही। ट्रेनों के नहीं आने पर स्टेशन पर लोग भजन-कीर्तन में मगन रहे। सुबह से शाम तक पवित्र पावनी मंदाकिनी में डुबकी लगाने वालों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही थी।
लोग जय श्री राम, महाराजा मत्यगयेंद्र नाथ कीजय, कामतानाथ की जय, के जयकारे के साथ गोते लगा रहे थे। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने मत्यगयेंद्र नाथ भगवान का जलाभिषेक किया। इसके बाद कामदगिरि की परिक्रमा की जो देर शाम तक होती रही। उधर, पुलिस और प्रशासन ने चाकचौबंद व्यवस्थाएं की थीं।
व्यापारियों ने स्टेशन आदि के पास चाय के स्टाल लगाए थे। राहगीरों को गरम चाय पिलाई गई। बुंदेली सेना ने बस स्टैंड पर अलाव जलवाया। इसके अलावा नगर पालिका परिषद ने भी अलाव जलवाकर लोगों को तपन महसूस कराई।