मऊ में मंगलवार को डीएम नीलम अहलावत की अध्यक्षता में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। इसमें डीएम ने लंबित प्रार्थना पत्रों पर नाराजगी जताई। अधिकारियों को दो दिन में इनके निस्तारण के निर्देश दिए। वहीं 174 प्रार्थना पत्रों में से 4 का ही मौके पर निस्तारण हो सका। इस तरह 170 फरियादी आश्वासन भरोसे लौट गए।
तहसील दिवस में डीएम ने पूर्व में लंबित शिकायती पत्रों की समीक्षा की। इस दौरान अग्रणी जिला प्रबंधक का एक, वन विभाग का एक, वन निगम के दो, एसओ बरगढ़ का एक, एसओ रैपुरा का एक, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय का एक और बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी का एक प्रार्थना पत्र लंबित पाया गया। तहसील दिवस पर मनघुट्टी पत्नी दुखी ने वृद्धावस्था पेंशन न मिलने की शिकायत डीएम से की।
डीएम ने खंड शिक्षाधिकारी और समाज कल्याण अधिकारी से मौके पर ही इसका निस्तारण करने को कहा। डीएम ने प्रोबेशन अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि तहसील दिवस में समाजवादी, विधवा, विकलांग और वृद्धा पेंशन की अद्यतन सूची साथ लेकर ही आएं। तहसील दिवस में 21 विकलांग प्रमाण पत्र और 10 रियायत प्रमाण पत्र विकलांगों को दिए गए।
मौके पर एसपी केशव कुमार चौधरी, सीडीओ मुजाहिदुल अहसन, प्रभागीय वनाधिकारी वीके मिश्रा, सीएमओ डॉ केडी द्विवेदी, एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी अजितेंद्र नारायण, परियोजना निदेशक संतोष कुुमार, डीपीआरओ दयाराम कुशवाहा, अधिशाषी अभियंता राजमणि विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।