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Chitrakoot News: छह साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा चित्रा गोकुलपुर

Tue, 09 Jun 2026 11:43 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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फोटो 09 सीकेटीपी-10- वार्ड की कच्ची गली। संवाद
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चित्रकूट। करीब छह बरस पहले शहर से सटे गांव चित्रा गोकुलपुर को पालिका का दर्जा तो मिला, मगर यहां आज तक शहर जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल नहीं सकी। ऐसे में करीब पांच हजार की आबादी सड़क, बिजली, पानी, जलनिकासी की समस्याओं से जूझ रही है।
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शहर से सटे गांवों में नवविकसित कॉलोनियां को बसाने के लिए प्लॉटिंग की गई। इन कॉलोनियों में आलीशान कंक्रीट की इमारतें खड़ी हो गईं। लगातार बढ़ती आबादी को देख सरकार ने वर्ष 2020 में चित्रकूट नगर पालिका परिषद का सीमा विस्तार किया गया था। इस विस्तार में चित्रा गोकुलपुर समेत कई अन्य गांवों को पालिका में शामिल किया गया था। शहरी दर्जा मिलने के बाद यहां के लोगों को शहरी सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी थी।



लोगों के अनुसार पालिका में शामिल होने के बाद चित्रा गोकुलपुर को वार्ड एक बनाया गया था। इस वार्ड में घर-घर नल कनेक्शन तो दिए लेकिन इन नलों से पानी की एक बूंद तक नहीं निकली। स्थानीय लोग मजबूरी में हैंडपंपों के सहारे अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि पूरे मोहल्ले की निर्भरता केवल एक हैंडपंप पर है। जब यह हैंडपंप खराब हो जाता है, तो लोगों को दो से ढाई किमी दूर से पानी लाना पड़ता है।
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बारिश के दिनों में वार्ड की स्थिति और भी बदतर हो जाती है। कच्ची सड़कें कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं, जिससे आवागमन बेहद मुश्किल होता है। वहीं, टूटी नालियां और अधूरी जल निकासी व्यवस्था के कारण गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच जाता है।



नागरिकों का दर्द




मुन्नी लाल ने बताया कि गांव था तो प्रधान उनकी समस्याएं सुनते थे, लेकिन अब नगर पालिका में शामिल होने के बाद कोई समाधान नहीं निकल रहा है। पेयजल कनेक्शन होने के बावजूद पानी न मिलना और एकमात्र हैंडपंप पर निर्भरता उनकी दैनिक जीवन की कठिनाई को दर्शाती है।







उर्मिला देवी ने बताया कि सुबह से शाम तक हैंडपंप पर लोगों की भीड़ लगी रहती है, और पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। कच्ची सड़कों के कारण बारिश में आवागमन तो मुश्किल होता ही है। नालियों के अभाव में आसपास के घरों का गंदा पानी उनके घर में भर जाता है।



बोले जिम्मेदार-



वार्डों में सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। वहीं, चित्रा गोकुलपुर में पेयजल की समस्या के समाधान के लिए जल संस्थान और जल निगम से बात की जा रही है।
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-नरेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद

फोटो 09 सीकेटीपी-10- वार्ड की कच्ची गली। संवाद

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