मृतक किसान के घर के बाहर मौजूद ग्रामीण।
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सदर ब्लाक क्षेत्र के तरावं गांव में खेत की फसल जलमग्न के बाद किसान के आत्महत्या करने के मामले में शुक्रवार को परिजनों का दर्द बांटने कई नेता व आसपास के गांवों से ग्रामीण पहुंचे। मृतक की पत्नी शोभादेवी व पिता शिवप्रसाद ने रोते हुए बताया कि उनके घर का एकमात्र सहारा हमेशा के लिए दुनिया से चला गया। अब पांच बच्चों का भरण पोषण कैसे होगा। कुछ लोगों से कर्ज लेकर खेतों में चना व मसूर बोई थी अब कर्ज अदा करना भी कठिन है।
गौरतलब है कि सीताराम उर्फ कल्लू यादव ने गुरुवार की सुबह अपने खेत के पास पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। तब परिजनों व ग्रामीणों ने बताया था कि नहर कटान से फसल खराब होने पर सदमे में फांसी लगा ली है। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शाम को परिजनों ने गांव में ही सीताराम का अंतिम संस्कार कर दिया।
शुक्रवार को सुबह से ही उनके घर पर किसान व राजनैतिक दलों के नेता पहुंचने लगे। जिसमें भाजपा के चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने परिजनों को ढ़ांढस बंधाकर कहा कि हर हाल में किसान परिवार की मदद की जाएगी। इस परिवार की प्रशासन आर्थिक मदद करे अन्यथा पार्टी आंदोलन करेगी। इसके अलावा अन्य किसानों की भी फसलें खराब हुई हैं।
बुंदेलखंड किसान विकास समिति के अध्यक्ष/जिला पंचायत सदस्य अनिल प्रधान ने भी अपने सहयोगियों के साथ मृतक किसान के परिजनों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली। बताया कि किसान की मौत फसल खराब के सदमे से ही हुई है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
सीताराम की मौत से उसकी पत्नी शोभादेवी, पिता शिवप्रसाद व मां कल्ली देवी के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सबको चिंता है कि बड़े पुत्र इंद्रभवन, छोटे पुत्र रवि व सनी के अलावा पुत्री गुड़िया व प्राची सभी को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि उनके घर का मुखिया अब इस दुनिया में नहीं है।