चित्रकूट। कोषागार घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी कोषागार पहुंची। जहां तीन घंटे तक पड़ताल के बाद मृत व जीवित प्रमाणपत्र वाली फाइलें लीं। इसमें पाया गया कि पांच ऐसे पेंशनर हैं जिनके मृत्यु प्रमाणपत्र साजिशन फाइल में नहीं लगाए गए। जिससे इनके नाम पर पेंशन जारी होती रही।
शुक्रवार की रात को एसआईटी की टीम इन आंकडों को लेकर विभाग पहुंची। रात में ही वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह, एकाउंटेंट योगेंद्र, राजबहादुर व राजेश से उनके पटल से इन 15 खातों के हुए भुगतान का विवरण मांगा। इस बीच जेल में बंद पेंशनर बेलापति के परिजनों ने शुक्रवार को एक लाख 20 हजार रुपये बैंक खाते में जमा किए हैं। इस पर 15 लाख से अधिक का अवैध भुगतान कोषागार विभाग से लेने का आरोप है।