चित्रकूट। कोषागार घोटाले में लखनऊ से सांख्यकीय निदेशालय से भी जांच टीम व कोषागार विभाग की टीम ने सारे आंकडे़ ले लिए हैं। कुछ दिन पूर्व सेंट्रल सर्वर से कई पेंशनरों के खाते का विवरण मिलने के बाद भी स्थानीय बैंक से डाटा मिलान नहीं हो पाया है।
सांख्यकीय निदेशालय व सेंट्रल सर्वर लखनऊ से मिले रिकाॅर्ड के अनुसार जिन बैंक शाखाओं से इन खातों में लेन देन हुआ उनके कर्मचारियों से भी पूछताछ की तैयारी हो रही है। एसआईटी ने यही सवाल किया कि आखिर लखनऊ सर्वर से रिकाॅर्ड मिलने के बाद भी यहां की शाखा में यह धनराशि प्रदर्शित क्यों नहीं हो रही है। ऐसी 15 फाइलों का कोषागार विभाग के कागजों में रिकार्ड है लेकिन ऑनलाइन भेजी गई धनराशि का विवरण नहीं मिल रहा है।
15 खातों का डाटा न मिलने पर जांच टीम ने सांख्यकीय निदेशालय व लखनऊ सेंट्रल सर्वर से डाटा एकत्र कर लिया। अब इस डाटा को फाइल के क्रमवार उनके बैंक शाखा में खुले खाते से मिलान कराने में जांच टीम की माथा-पच्ची जारी है। पांच ऐसे खाते हैं जिनका ब्योरा नहीं मिल रहा है। कई अन्य खातों में भी कोषागार विभाग से रुपये भेजे गए हैं। इसका विवरण भी बैंक से नहीं मिल रहा है। सूत्रों की मानें तो यह धनराशि लगभग नौ करोड़ है।
एटीओ की जमानत याचिका निरस्त
चित्रकूट। कोषागार घोटाला मामले में जेल में बंद एटीओ विकास सचान की जमानत याचिका अदालत ने निरस्त कर दी है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं ने जिला जज के सामने अपने अपने तर्क रखे। दो घंटे तक चली बहस के बाद जिला जज शेषमणि ने जमानत याचिका निरस्त कर दी है।