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Chitrakoot News: एक साथ दफनाई गईं बहनें, महिला का दाह संस्कार

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मानिकपुर (चित्रकूट)। गुटखे के लिए इटवा डुडैला गांव में बच्चों को जहर देकर और खुद जहर खाकर महिला के जान देने की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। रविवार जब पोस्टमार्टम के बाद जब दो बच्चियों और महिला के शव गांव पहुंचे तो लोगों की आंखें नम हो गईं। दोनों बहनों को एक स्थान पर दफनाया गया। तीसरे बच्चे दीपचंद्र का इलाज सतना के अस्पताल में चल रहा है। उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
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मारकुंडी थाना क्षेत्र के इटवां डुडैला गांव निवासी टेंपो चालक बब्बू यादव ने बताया कि शनिवार को पत्नी ज्योति ने गुटखा खाने के लिए रुपये मांगे तो उसने डांटकर मना कर दिया था। इसी से क्षुब्ध होकर उसने कमरे में एक साल की बुलबुल, चार साल की चंद्रमा और पांच साल के दीपचंद्र को जहर पिलाकर खुद भी जहर पी लिया था।
मझगवां अस्पताल के डॉ. रुपेश सोनी ने बताया कि पोस्टमार्टम में जहरीला पदार्थ खाने से ही मौत की पुष्टि हुई है। जहर कैसा और कौन सा था, इसकी जांच के लिए तीनों के बिसरा जांच के लिए रखे गए हैं। रविवार की सुबह जब पुलिस के साथ बब्बू पत्नी ज्योति और दो पुत्रियों बुलबुल और चंद्रमा के शव लेकर पहुंचा तो परिजन शवों से लिपट गए। पुलिस की मौजूदगी में ही तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। बच्चों को दफनाया गया जबकि महिला का दाह संस्कार किया गया।
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सपा के विधायक अनिल प्रधान व स्थानीय नेताओं ने पीड़ित बब्बू और परिजनों को ढांढ़स बंधाया। बब्बू चार भाई है। उसके पास एक बीघे जमीन है। थाना प्रभारी श्याम प्रताप पटेल ने बताया कि अभी तक यही बात सामने आई है कि गुटखा के लिए रुपये न देने पर नाराज महिला ने बच्चों को जहर खिलाकर खुद भी जहर खा लिया था।
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