फोटो 16 सीकेटीपी-10- परिचय- शहर के शहरी पीएचसी में रविवार को लगा ताला। संवाद
चित्रकूट। हर रविवार को लगने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य मेला केवल कागजों में सिमट गया है। जनपद की अधिकांश सीएचसी में ताला बंद रहता है। मरीज ताला देख लौट जाते हैं। इसके बाद रजिस्टर में मरीजों के नाम बकायदा चढ़ा दिए जाते हैं। अधिकारी सबकुछ जानते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं करते हें।
सरकार ने मरीजों को अवकाश के दिन भी स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेला योजना शुरु की है। इसमें डाॅक्टर सहित कई कर्मचारियों को रहने के निर्देश दिए गए थे लेकिन जनपद में लगने वाले आरोग्य मेला केवल रजिस्टर तक ही रहता है। केंद्रों में ताला लटकता रहता है। जो मरीज मेले में पहुंचते भी हैं, वह ताला देखकर निराश होकर वापस हो जाते हैं। आरोग्य मेला से किसी भी मरीज को कोई फायदा नहीं होता है।
रविवार को सीएमओ कार्यालय के पीछे स्थित अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दोपहर एक बजे तक ताला लटक रहा था। इलाज कराने के लिए कई मरीज पहुंचे लेकिन ताला बंद देख लौट गए। कर्वी के अहिरन पुरवा निवासी मरीज अमर सिंह ने बताया कि बुखार का इलाज कराने आया था। अस्पताल में ताला बंद है। अब मजबूरी में प्राइवेट अस्पताल में दवा कराना पड़ेगा।
इस संबध में सीएमओ डॉ. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि हर जगह आरोग्य मेला में डॉक्टर व स्टाफ के पहुंचने के निर्देश हैं। कुछ जगह से जो सूचनाएं मिल रही हैं उसकी पड़ताल कराएंगे।