21 वीं सदी में वेद पुराण के अनुसार चल रहे कलयुग में भी श्रवण कुमार जैसे पुत्र हैं जो अपने माता पिता की इच्छापूरी करने लिए उन्हें डोली में बैठाकर अपने कंधे के सहारे तीर्थस्थलों के दर्शन करा रहे हैं। चित्रकूट के पड़ोसी जनपद कौशांबी निवासी सूबेदार राजपूत ने कुछ ऐसा ही कर सबको आश्चर्य में डाल दिया।
वह पैदल यात्रा कर माता-पिता को भगवान कामदनाथ के दर्शन कराने के लिए चित्रकूट पहुंचे। माता-पिता को भगवान कामदनाथ के दर्शन भी कराय। जिस पर उसके कार्य की श्रद्धालुओं ने सराहना की।