चित्रकूट। जल जीवन मिशन की परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इसमें नमामि गंगे योजना के अपर जिलाधिकारी को लापरवाही मिली। निर्माण कार्यों की रफ्तार धीमी पाई गई।
समीक्षा के दौरान तकनीकी खामियां भी पकड़ी गईं। इस लापरवाही पर कार्यदायी संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जीवीपीआर का अनुबंध खत्म करने की चेतावनी भी दी गई। सहायक अभियंता जल निगम ने बताया कि सिलौटा मुस्तकिल, चांदी बांगर और रैपुरा में पाइपलाइन बिछाने का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है।
अपर जिलाधिकारी ने एलएंडटी संस्था को अनावश्यक देरी के लिए नोटिस जारी करने को कहा। रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना में गृह जल संयोजन, पाइपलाइन डिजाइन और प्रेशर टेस्टिंग की समस्याओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। मंदाकिनी ब्रिज के समीप लंबित कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा करने को कहा गया।
शिकायतों का निस्तारण और निगरानी
जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर शिकायतों के निस्तारण की प्रगति मात्र 55 फीसदी पाई गई। इस पर अपर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। इसे जल्द शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य दिया गया है। मानिकपुर ब्लॉक के कई गांवों और मऊ के हरदी कला व ददरी में चल रही योजनाओं की सूक्ष्म निगरानी के निर्देश दिए गए। अपर जिलाधिकारी ने ग्रामीण जलापूर्ति योजना में कोई कोताही बर्दाश्त न करने की बात कही।