चित्रकूट। रोडवेज डिपो में बसों की कमी के कारण यात्रियों को निजी बसों और डग्गामार वाहनों के बढ़ा किया देकर सफर करना पड़ रहा है। रोडवेज बसों में भीड़ के कारण निजी बस संचालकों ने कई रूटों पर किराया बढ़ा दिया है। तय किराए से 20 रुपये तक अधिक है और कुछ पर यह अंतर 70 रुपये तक पहुंच गया है, जिससे यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
राजापुर रूट पर रोडवेज का किराया 47 रुपये है। निजी बसें 50 से 60 रुपये तक वसूल रही हैं। कुछ वाहनों में यह 70 रुपये तक लिया जा रहा है। स्थानीय यात्री मनोज सिंह, राकेश नारायण और प्रेमदत्त ने बताया कि राजापुर सहित पहाड़ी, मानिकपुर, देवांगना, बड़ी मड़ैया और चितूपुर रूट पर भी किराया बढ़ा है। त्योहारी मौसम को देखते हुए इन रूटों पर 15 से 20 रुपये तक किराया बढ़ा दिया गया है। त्योहारी मौसम में यात्रियों की संख्या बढ़ी है।
इसके बावजूद परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ नहीं है, जिससे लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। चित्रकूट डिपो में बसों की कमी है। इससे यात्रियों को बांदा, महोबा और हमीरपुर डिपो की बसों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इन बसों में पहले से ही भारी भीड़ रहती है, जिससे स्थानीय यात्रियों को सीट मिलना मुश्किल हो रहा है।
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प्रयागराज रूट पर किराए में कमी
प्रयागराज रूट पर निजी बस संचालकों ने किराया कम कर दिया है। बांदा की ओर जाने वाली बसें प्रयागराज की ओर भी जाती हैं, जिससे अस्थायी कर्वी बस स्टैंड पर पर्याप्त बसें उपलब्ध रहती हैं। रोडवेज का किराया 150 रुपये है, जबकि निजी बसें महज 100 रुपये ले रही हैं। इस किराए के अंतर के कारण कई बार यात्रियों को लेकर विवाद भी होते रहते हैं।
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बोले जिम्मेदार-
रोडवेज डिपो चित्रकूट के एआरएम एलके राम ने बताया। उन्होंने कहा कि बसों की कमी वाले रूटों पर बसें बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। बस स्टैंड में पेट्रोल पंप का काम शुरू होने वाला है, जिसके बाद डिपो को नई बसें मिलने की उम्मीद है। इससे यात्रियों की परेशानी कम होगी।