चित्रकूट। धर्मनगरी के अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा में पट्टा अभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें चित्रकूट के निर्मोही अखाड़े के शिवराम दास को मुख्य महंत बनाया गया। उनके साथ दीन दयाल दास महराज को कार्यकारी महंत बनाया गया है। कार्यक्रम में मौजूद कई अखाड़ों के महंत व साधु संतों ने कंठी माला पहनाकर आशीर्वाद दिया। इसके बाद गोलोकवासी महंत रामाश्रय दास की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
मंगलवार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अखाड़ा परिषद बाघंबरी गद्दी प्रयागराज के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी महराज ने कहा कि संतों को हमेशा अच्छा आचरण करना चाहिए। जिससे समाज में गलत संदेश न जाए। साधु संत आपस में विश्वास की परंपरा को बनाए रखे। मर्यादा का पालन कर राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए तुलसी पीठ के जगद्गुरू रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि पद का दायित्व निभाना बहुत कठिन कार्य है। कई तरह की समस्याएं आती है। सभी से मिलकर कार्य करने से समस्याएं दूर हो जाती है। विशिष्ट अतिथि श्रीपंच निर्वाणी अनी अखाड़ा के हनुमान गढ़ी अयोध्या के महंत धर्मदास महराज ने कहा कि सत्य के मार्ग पर चलकर संत समाज के हित के लिए व राष्ट निर्माण के लिए कार्य करे। इस मौके पर श्रीपंच दिगंबर अनी अखाड़ा वृंदावन धाम के अध्यक्ष महंत कृष्ण दास महराज, श्रीपंच निर्मोही अनी अखाड़ा चित्रकूट के अध्यक्ष राजेंद्र दास महराज, श्रीपंच निर्मोही अनी अखाड़ा अहमदाबाद गुजराज के अध्यक्ष रामजीदास, महंत दिव्य जीवनदास, महंत सीताशरण महराज, महंत रामजीदास व जगदगुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्रदास सहित अन्य साधू संत मौजूद रहे।
पट्टा अभिषेक कार्यक्रम का किया विरोध
चित्रकूट। अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा में पट्टा अभिषेक कार्यक्रम को लेकर इसी अखाड़ा के महंत ओंकार दास ने मंगलवार की शाम को जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि अवैधानिक तरीके से पट्टाभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें फर्जी तरीके से दूसरे को महंत बना दिया गया। जब कि उनके गुरू गोलोक वासी महंत रामाश्रय दास की वसीयत नामा के आधार पर उन्हें महंत बनाया गया था।