चित्रकूट। दो किमी से अधिक दूरी वाले जिले के सात स्कूलों का अब विलय नहीं होगा। 50 से कम छात्र संख्या वाले 93 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक स्कूलों के विलय की तैयारी विभाग कर रहा है जबकि 54 स्कूलों को विलय पहले ही किया जा चुका है। जिले में इस समय 1262 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं।
25 छात्र संख्या वाले 50 और 30 छात्र संख्या वाले 11 स्कूलों को विलय पहले ही किया जा चुका है। सात स्कूलों की दूरी दो किलोमीटर से अधिक होने की वजह से विलय रद्द कर बच्चों को मूल स्कूलों में वापस कर दिया गया है। अन्य स्कूलों के विलय पर रोक लगाने के लिए बच्चों के अभिभावक व राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया लेकिन स्कूलों के विलय का आदेश वापस नहीं लिया गया। अब फिर से 93 स्कूलों के विलय की प्रक्रिया तेज हो गई है।
विभाग ने स्कूलों की प्रबंध समिति से प्रस्ताव लेकर स्कूलों के विलय की प्रक्रिया शुरू की है। सदर विकास खंड के नौ, मऊ के 11, मानिकपुर के आठ, रामनगर के 18 और सबसे अधिक पहाड़ी के 47 स्कूलों का विलय होगा। सूची बनाते समय दूरी का विशेष ध्यान रखा गया है। सभी स्कूलों की सूची बनाकर डीएम को भेजी जाएगी। इसके बाद स्कूलों का विलय हो जाएगा।
बीएसए बीके शर्मा ने बताया कि सात स्कूलों की दूरी दो किलोमीटर से दूरी अधिक होने पर बच्चों को वापस मूल स्कूल में कर दिया गया है। 93 स्कूलों के विलय की सूची तैयार कर ली गई है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। सूची बनाते समय दो किमी दूरी निर्धारित रखी गई है।