बनाड़ी (चित्रकूट)। सीएम के सिर्फ सात मिनट ने बनाड़ी गांव की सूरत संवार दी। तीन दिन पूर्व हुई दीपावली से कहीं ज्यादा रौनक यहां सोमवार को थी। ग्रामीण कर्मियों से लेकर प्रदेश स्तर तक के आला अधिकारी यहां गली-गली खाक छान रहे थे। कई-कई दिन सूखी रहने वाली नलों की टोटियों में पूरे दिन पानी चला। बिजली पलक झपकने को भी नहीं गई। गांव की गलियां और नालियां इतनी साफ रहीं कि ग्रामीणों ने कभी कल्पना भी नहीं की थी। हालांकि यहां बसने वाले गरीबों के दिलों की उदासी बरकरार है। प्रदेश के मुखिया की आमद के बाद भी तमाम गरीबों को राशन कार्ड नहीं मयस्सर हुए।
फिलहाल उन्हें पर्ची पर ही राशन दिया जा रहा है।
बुंदेलखंड के दो दिवसीय दौरे में मुख्यमंत्री द्वारा सिर्फ एक गांव बनाड़ी का निरीक्षण शामिल किया गया था। जिला मुख्यालय कर्वी से यह मात्र तीन किलोमीटर दूर है। सोमवार को तड़के से ही गांव में प्रशासन, पुलिस और विकास विभाग के अदना से कर्मचारी से लेकर आला-अफसर तक यहां डेरा डाले थे। कई दशकों से चिरागों की रोशनी में जीवन बसर कर रहे लोगों के घर अब बिजली से गुलजार हैं। गांव के अवधराज पाल, ननकी देवी आदि ने बताया कि आनन-फानन 35 घरों में बिजली के कनेक्शन कर दिए गए। खंभों की दशकों पुरानी जर्जर लाइनें बदल दी गईं। गलियों में कूड़ा-कचरा का नामोनिशान मिट गया। गलियों में नालियों की धुलाई कर दी गई। अंधेरे में डूबी रहने वाली गलियां अब दूधिया लाइट से जगमगा रही हैं। पाइप लाइन से गांव के अधिकांश हिस्सों में नलों से पानी पहुंच रहा है।
दूसरी तरफ गांव के गरीबों में यह चर्चा गर्म रही कि यह सब ‘चार दिन की चांदनी’ है। सीएम के जाने के बाद फिर ‘पुराने दिन’ लौट आएंगे। गांव की भोड़ी पत्नी अवधराज और ननकी देवी , रानी देवी आदि ने बताया कि उन्हें आज तक राशन कार्ड नहीं मिला। सफेद कागज की पर्ची पर राशन दिया जा रहा है। जबकि ऑनलाइन आवेदन भी कर चुकी हैं।
गांव की विधवा रतिया ने बताया कि उसे आज तक राशन कार्ड ही नहीं मिला। ग्राम प्रधान कुबेर सिंह पटेल ने बताया कि गांव में 50 नए शौचालय बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से 22 आवास का बजट मिला है। अभी 200 आवास और 200 शौचालयों की और जरूरत है। डेढ़ हजार आबादी वाले गांव में करीब 700 राशन कार्ड हैं। गांव के बाशिंदे और पूर्व फौजी संजय सिंह ने कहा कि सीएम के बाद अब डीएम की नजरें इनायत बनी रहें तो गांव की दुश्वारियां नहीं रहेंगी।
दोपहर 1:38 पर आए और 1:45 पर चले गए सीएमबनाड़ी (चित्रकूट)। मुख्यमंत्री के लिए इस गांव में पिछले करीब एक पखवारे से सजाया और संवारा जा रहा था। गलियां, नालियां, अस्पताल, स्कूल, स्वास्थ्य उप केंद्र इत्यादि को इस तरह से तैयार किया गया कि मानो सीएम को यहीं आना है। सुबह से ही गांव में जश्न का माहौल था। ग्राम प्रधान कुबेर सिंह पटेल ने बाजे-गाजे की व्यवस्था की। ग्रामीण इसमें नाचते-गाते रहे। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला ठीक 1:38 बजे गांव की संकरी गलियों से होता हुआ हीरामनी के अर्द्धनिर्मित पीएम आवास योजना के आवास पर आकर रुका। गाड़ी से उतरते ही प्रधान ने माला पहना कर अगुवानी की और केसरिया शाल भेंट की।
योगी आदित्यनाथ ने नारियल फोड़ा। आवास की लाभार्थी हीरामनी और शोभा के आवास देखकर उनसे किस्तों के बारे में जानकारी ली। हीरामनी ने पानी की समस्या बताई तो सीएम का जवाब था कि पूरे बुंदेलखंड में हम जल्द ही पानी की समस्या दूर कर देंगे। सिर्फ सात मिनट के इस निरीक्षण की रस्म अदायगी के बाद ठीक 1:45 बजे सीएम अपने वाहन पर सवार हो गए और लौट गए। अपर पुलिस महानिदेशक एके सावंत, डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी के नेतृत्व में चित्रकूट एसपी और भारी संख्या में कई जिलों का फोर्स सीएम की सुरक्षा में लगा रहा। आम ग्रामीण पास फटक नहीं पाए।
कुछ खास उम्मीदें जो रहीं अधूरी-
- जनप्रतिनिधियों की तमाम आरजू-मिन्नत भरी मांगों के बाद भी मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड को सूखा ग्रस्त घोषित नहीं किया। अलबत्ता इतना कहा कि अगर सूखे से प्रभावित हुए हैं तो सरकार पूरी गंभीरता से इस पर भी विचार करेगी।
- हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट की सभाओं में बुंदेलखंड के जन प्रतिनिधियों और अन्य संगठनों ने ज्ञापन आदि के जरिए भरपूर मांग की कि बुंदेलखंड में छोटे-बड़े सभी किसानों का कर्ज माफ हो। लेकिन इस पर भी मुख्यमंत्री ने कोई घोषणा नहीं की।