चित्रकूट। अवैध मौरंग खनन के मामले में पकड़ी गई एक बुग्गी को पुलिस कस्टडी से छीनकर फरार होने का मामला सामने आया है। एसडीएम फूलचंद्र यादव की टीम ने मंगलवार को यह बुग्गी पकड़ी थी लेकिन बाद पुलिस अभिरक्षा से चालक इसे लेकर फरार हो गया। एसडीएम की चेतावनी के बाद सिपाही की तहरीर पर कारोबारी और लोकेशन देने वाले के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एसडीएम फूलचंद्र यादव ने बताया कि मंगलवार को पहाड़ी थाना क्षेत्र के ओरा गांव के पास बागे नदी में अवैध खनन की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची और एक लोकेशन देने वाले व्यक्ति को पकड़ा। उसके मोबाइल से खनन करने वाले से बातचीत का रिकॉर्ड मिला। उसकी निशानदेही पर मौरंग लदी एक बुग्गी पकड़ी गई। चालक ने मौरंग गिराकर बुग्गी खाली छोड़ दी और भाग गया। बुग्गी को पहाड़ी पुलिस को सौंप दिया गया था।
कुछ देर बाद पटियाजप्ती निवासी चालक गोविंदा आया और बुग्गी लेकर भाग गया। सिपाही नवीन कुमार उसे रोक नहीं सका। सिपाही की तहरीर पर चालक गोविंदा और मालिक बांदा निवासी ओमप्रकाश राजपूत उर्फ डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने लोकेशन देने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसडीएम ने इस घटना की जानकारी खनन विभाग को भी दी है।
बागे व पयश्वनी नदी में नहीं रुक रहा अवैध खनन
पहाड़ी थाना क्षेत्र के बागे व पयश्वनी नदी के किनारे के गांवों में मौरंग का अवैध खनन नहीं रुक रहा है। कई बार खनन व राजस्व टीम ने छापा मार कर कार्रवाई भी की, लेकिन कारोबारियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। वह लगातार नदियों में अवैध खनन करने में जुटे हैं। सबसे अधिक स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। ग्रामीण तो पुलिस की सेटिंग से मौरंग का अवैध कारोबार करने की बात कहते हैं। सबसे अधिक ओरा, भंभौर, रेहुटा, मकरी पहरा, परसौंजा, सकरौली, चिल्ला सहित अन्य कई गांवों में मौरंग का अवैध खनन रात के अंधेरे में होता है।