राजापुर एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते अधिवक्ता।
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अधिवक्ता के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों को एसडीएम व पुलिस द्वारा छोडे़ जाने से नाराज तहसील अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने कार्य बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं ने नारेबाजी कर चेतावनी दी है कि जब तक एसडीएम व पुलिस आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करते, तब तक बहिष्कार जारी रहेगा। उधर, एसडीएम ने अधिवक्ताओं के आरोपों को गलत बताया है।
कस्बे के अधिवक्ता राम अभिलाष पांडेय ने बताया कि दो दिन पूर्व बाजार में हनुमान गंज निवासी बाइक सवार तीन लोगों ने उन्हें टक्कर मारकर घायल किया था। उनकी जेब से 56 सौ रुपये गायब थे। इसकी शिकायत राजापुर थाने में की गई लेकिन पुलिस ने तीनों पर महज शांति भंग की कार्रवाई कर रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद एसडीएम ने तीनों को जमानत पर छोड़ दिया। इसका अधिवक्ताओं ने विरोध कर कहा कि पीड़ित अधिवक्ता के साथ अन्याय किया जा रहा है। आरोपियों पर उचित धाराएं न लगाकर आसानी से छोड़ दिया गया है।
इसी बात से नाराज तहसील अधिवक्ता संघ ने मंगलवार को तहसील परिसर में बैठक कर एसडीएम व पुलिस कार्रवाई की निंदा की। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण दुबे व सचिव अनूप शुक्ला ने कहा कि अधिवक्ताओं के साथ एसडीएम राजापुर का सदैव सौतेला व्यवहार रहता है। इनक ी कई शिकायतें अधिवक्तओं ने संघ के पदाधिकारियों से कीं हैं। जब तक इस मामले में पीड़ित अधिवक्ता को न्याय नहीं मिलेगा, तब तब एसडीएम कार्यालय के कार्यों का बहिष्कार जारी रहेगा। अन्य विभाग के कार्यों में अधिवक्ता शामिल होंगे।
बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस मौके पर अखिलेश गोस्वामी, नरेंद्र शुक्ला, संजय मिश्रा, रोहित सिंह, भानू प्रताप शुक्ला, राजेंद्र त्रिपाठी व अनिल गोपाल आदि मौजूद रहे। इस मामले में एसडीएम दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि उन पर लगाए आरोप गलत हैं। उन्होंने किसी अधिवक्ता के साथ गलत व्यवहार नहीं किया। जिन तीन युवकों को छोड़ा गया है, उन्हें राखी पर्व होने पर मानवीय दृष्टि कोण के आधार पर नियमानुसार छोड़ा गया है। अधिवक्ता किस बात को लेकर असंतुष्ट हैं, वह खुद जानते होंगे।