चित्रकूट। कोरोना वायरस की जांच के लिए बुधवार को 11 लोगों का सैंपल भेजा गया। इसके अलावा दो सिपाहियों समेत 17 लोगों की जांच की रिपोर्ट आई है, जो निगेटिव हैं। टेलीमेडीसिन से 150 लोगों की दवा की गई।
डीएम और एसपी ने सुबह से ही जिले की सीमाओं पर निरीक्षण कर पुलिस की सख्ती बढ़ा दी। मप्र की सीमा पर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों से कहा कि आने-जाने वालों के नाम पता रजिस्टर में दर्ज करें। सीएमओ डा. विनोद कुमार ने बताया कि जिले से दो सिपाहियों समेत 17 लोगों के सैंपल की रिपोर्ट बुधवार को आ गई है। सभी की रिपोर्ट निगेटिव है। अब तक जिले में कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला है। बताया कि बुधवार को ही जांच के लिए 11 लोगों के सैंपल भेजे गए हैं। उधर, सुबह डीएम शेषमणि पांडेय और एसपी अंकित मित्तल ने जिले मप्र सीमा से सटे बार्डर की जांच की। ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को मास्क का प्रयोग करने को कहा। रजिस्टर में आने-जाने वालों का नाम पता दर्ज करने को कहा। इसके बाद शेल्टरहोम का निरीक्षण कर ठहरे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण व भोजन वितरण की जानकारी ली। उधर मप्र सीमा पर रोके गए यूपी के विभिन्न जिलों के लगभग 150 लोगों को यूपी की ओर ले जाने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। बुधवार को जानकीकुंड अस्पताल की ओर से उनके भोजन का इंतजाम किया गया।
प्रयागराज से लाए गए 21 छात्र
चित्रकूट। प्रयागराज मेें पढ़ाई करने गए जिले के 21 छात्रों को बुधवार को रोडवेज बस से लाया गया। इनका थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद होम क्वारंटीन के लिए घर भेज दिया गया है। छात्र अक्षय बालापुर खालसा, राहुल सिंह कंठीपुर, शुभम बरवारा, राजेंद्र कुमार रगौली ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान वे प्रयागराज में फंस गए थे। हालांकि फोन से परिवार और दोस्तों से संपर्क में थे, लेकिन जिस कमरे में रहते थे, वहां के मकान मालिक ने सुरक्षा के लिहाज से जाने को कहा था। हालांकि उसने किराया नहीं मांगा था। उनके पास भोजन की भी समस्या हो गई थी। कई बार शासन प्रशासन से अपने गांव भेजने की मांग की थी। गांव पहुंचने पर वे और परिजन खुश हैं।