चित्रकूट। भगवान श्रीराम की तपोभूमि में पर्यटन गतिविधियां अब जोर पकड़ने लगी हैं। यहां आने वाले सैलानी नौकायन का आनंद उठा रहे हैं, लेकिन नाव संचालक इन्हें एक तो बिना लाइफ जैकेट के नौकायन करा रहे हैं, दूसरे नावों पर तय क्षमता से अधिक लोग भी बैठाए जा रहे हैं। जिम्मेदारों और नाव संचालकों ने हमीरपुर, वृंदावन और जबलपुर जैसी घटनाओं से सबक नहीं लिया।
हमीरपुर में नाव हादसे के बाद शुक्रवार को टीम ने धर्मनगरी के रामघाट पर नौकायन की पड़ताल की तो सुरक्षा में तमाम खामियां सामने आईं। पड़ताल में रामघाट पर मंदाकिनी नदी में कई नावें बगैर पंजीयन के ही दौड़तीं पाई गईं और नावों पर सवार सैलानी लाइफ जैकेट भी नहीं पहने थे, हालांकि नावों पर लाई गई लाइफ जैकेट रखीं जरूर थीं।
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मंदाकिनी में तीन सौ से ज्यादा चलतीं नाव :
मंदाकिनी नदी में वर्तमान समय में तीन सौ से अधिक नाव हैं। नाव संचालकों में घाट किनारे की नावों की पार्किंग लगा दी है। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इनमें अधिकतर नावों का पंजीकरण भी नहीं है। इसके बाद बिना किसी रोक-टोक के नावों का संचालन हो रहा है।
घाट पर रस्सी न बैरिकेडिंग
सुबह करीब 10 बजे मंदाकिनी में नौका विहार के बाद रामघाट पर एक परिवार उतरता दिखाई दिया। परिवार में छोटे बच्चे भी थे। नाव से उतरते समय रामघाट पर न तो रस्सी का सहारा था और न ही किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की व्यवस्था। श्रद्धालु घाट के किनारे बने चेंबर के सहारे नीचे उतर रहे थे। घाट की सीढ़ियों पर जमी काई और फिसलन रहीं। जरा सी चूक सीधे नदी में गिरने का कारण बन सकती है। फिर भी इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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नाव में रखी थी लाइफ जैकेट, लेकिन पहनाई नहीं गई
सुबह 9:24 बजे दिल्ली से आए एक परिवार ने मंदाकिनी में नौका विहार किया। परिवार के मुखिया जितेंद्र सिंह ने बताया कि नाव यात्रा के दौरान लाइफ जैकेट मौजूद थी, लेकिन न तो नाविक ने पहनने के लिए कहा और न ही यात्रियों ने खुद इसका उपयोग किया। उन्होंने बताया कि मौसम खराब हो गया और बीच नदी में बारिश शुरू होने से कुछ देर के लिए डर का माहौल बन गया था। हालांकि बाद में सुरक्षित घाट तक पहुंच गए।
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जिला प्रशासन लगातार रामघाट में नाविकों को जागरूक कर रहा है। इसके बाद भी कोई नहीं मान रहा तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी
फोटो-08 सीकेटीपी 15-बिना लाइफ जैकेट के नाव में सवार परिवार। संवाद