चित्रकूट। दीनदयाल शोध संस्थान के आरोग्यधाम में ऑनलाइन रामकथा के दौरान संत मोरारी बापू ने कहा कि साधु-संतों के दर्शन मात्र से पाप का अंत होता है। शरीर के सभी अंगों का अपना-अपना महत्व है।
उन्होंने कहाकि लाख सत्कर्म करो फिर भी पाप आसानी से नही मिटता। इसका भी समय होता है। लेकिन साध-ुसंतों के दर्शन मात्र से पाप नष्ट होता जाता है। हमें अपना समय सत्कर्म और दूसरों की सेवा में व्यतीत करना चाहिए।
इस मौके पर वाराणसी के यजमानों के साथ संासद आरके सिंह पटेल, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, समाजसेवी पंकज अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, डा. बीके जैन, अखिलेश व किशन जालान, ऊषा जैन आदि मौजूद रहे।