आवास के बाहर कुर्सी में बैठीं साध्वी लालदाई व मौजूद पुलिस टीम।
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खोही (चित्रकूट)। कामदगिरि परिक्रमा मार्ग खोही में 50 साल से अधिक समय से रह रहीं साध्वी लालदाई और उनकी बेटी को आश्रम से अदालत के आदेश पर बाहर कर दिया गया। जानकारी होते ही सैकड़ों ग्रामीण आश्रम के पास पहुंचे और साध्वी को परिवार सहित इसी आश्रम में रहने देने की मांग कर रहे हैं। आक्रोश की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है। भरतमिलाप मंदिर के महंत ने कहा कि यह मंदिर की जमीन पर साध्वी का कब्जा था।
शुक्रवार को अदालत के आदेश के साथ कर्मचारी भरतमिलाप मंदिर के महंत राममनोहर दास के साथ लाल बाबा आश्रम पहुंचे। उनके साथ सीतापुर व खोही पुलिस टीम भी रही। आश्रम में मौजूद साध्वी लालदाई और उसकी बेटी ने उन्हें बाहर किए जाने का विरोध किया लेकिन महंत नहीं माने। वह अदालत के आदेश की बात रखते हुए कहा कि यह मंदिर की जमीन है।इस पर आरोपियों ने कब्जा कर रखा है। इसे लेकर साध्वी व उनकी बेटी समेत कई अन्य महिलाएं हाथ जोड़कर उन्हें आश्रम में ही रहने की गुहार करती रहीं लेकिन किसी ने एक न सुनी। उनकेे आश्रम के सामान को बाहर कर दिया गया। बुजुर्ग महिला साध्वी ने महंत पर कागजी कानूनी प्रक्रिया में उलझाकर न्यायालय को गुमराह करने का आरोप महंत पर लगाया है। बताया अदालत को सही जानकारी नहीं दी गई। महंत ने बताया कि सिविल कोर्ट चित्रकूट से 31 मई को आदेश दिया था जिसके कर्म में 4 जुलाई तक आश्रम खाली कराने का आदेश पारित किया गया था। जिसके अनुपालन आज आश्रम को खाली कराया गया है।
0 मामले की जानकारी होने पर शुक्रवार की देर शाम को लगभग दो सौ ग्रामीण व आश्रम के भक्त मौके पर पहुंचे। आश्रम के बाहर रोती बिलखती साध्वी व उनके परिजनों को ढांढ़स बंधाया और महंत से कहा कि इसी आश्रम में इन्हें रहना दिया जाए।इनके पास कोई अन्य सहारा नहीं है। ग्रामीणों ने महंत पर गंभीर आरोप भी लगाए। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सीतापुर, खोही, शिवरामपुर पुलिस चौकी के अलावा कोतवाली कर्वी व भरतकूप थाने कीपुलिस टीम भी मौके पर बुलाई गई है।े